'गोलियों की रासलीला राम-लीला' के लुक ने दिखाई गुजरात के घुमंतू समुदाय की विरासत

बॉलीवुड में पारंपरिक फैशन के इस्तेमाल का एक बेहतरीन उदाहरण माना जाता है।

Update: 2026-08-02 05:55 GMT
बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह का फिल्म गोलियों की रासलीला राम-लीला में नजर आया अंदाज आज भी दर्शकों को याद है। फिल्म में उनका रंग-बिरंगा पहनावा, आभूषण और देसी स्टाइल सिर्फ फैशन नहीं था, बल्कि उसके पीछे गुजरात की लोक संस्कृति और एक खास खानाबदोश समुदाय की झलक भी छिपी थी।
फिल्म के किरदार के लुक को तैयार करते समय गुजरात की पारंपरिक वेशभूषा और ग्रामीण संस्कृति से प्रेरणा ली गई थी। इसी वजह से रणवीर का यह लुक आम बॉलीवुड किरदारों से अलग और बेहद प्रभावशाली नजर आया।
खानाबदोश समुदाय से जुड़ी है कहानी
रणवीर सिंह के रामलीला लुक में गुजरात के एक पारंपरिक खानाबदोश समुदाय की संस्कृति की झलक दिखाई देती है। इस समुदाय की पहचान उनके रंगीन कपड़ों, खास गहनों और पारंपरिक सजावट से जुड़ी रही है।
उनके पहनावे में इस्तेमाल होने वाले कई तत्व गुजरात की लोक परंपराओं को दर्शाते हैं, जिनमें भारी आभूषण, कढ़ाई वाले कपड़े और अलग तरह के सजावटी सामान शामिल हैं।
‘नजरबट्टु’ का खास कनेक्शन
फिल्म के लुक में इस्तेमाल किए गए कुछ प्रतीक गुजरात की लोक मान्यताओं से जुड़े हैं। इनमें ‘नजरबट्टु’ जैसी परंपराएं भी शामिल हैं, जिन्हें बुरी नजर से बचाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
भारतीय लोक संस्कृति में नजर से बचाव के लिए कई तरह के प्रतीकों और आभूषणों का प्रयोग किया जाता रहा है। इन्हीं परंपराओं को फिल्म के किरदार की शैली में शामिल किया गया था।
फैशन और लोक संस्कृति का मेल
रामलीला में रणवीर सिंह का लुक केवल एक फिल्मी स्टाइल नहीं था, बल्कि गुजरात की मिट्टी, लोक कला और पारंपरिक जीवनशैली को पर्दे पर दिखाने की कोशिश थी।
उनके कपड़ों और एक्सेसरीज ने दर्शकों का ध्यान खींचा और बाद में यह स्टाइल युवाओं के बीच भी काफी लोकप्रिय हुआ।
आज भी याद किया जाता है रणवीर का अंदाज
रणवीर सिंह का रामलीला वाला किरदार उनके करियर के यादगार किरदारों में गिना जाता है। फिल्म के संवाद, अभिनय और खासकर उनका लुक आज भी चर्चा में रहता है।
गुजरात की लोक संस्कृति से प्रेरित यह स्टाइल बॉलीवुड में पारंपरिक फैशन के इस्तेमाल का एक बेहतरीन उदाहरण माना जाता है।
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