फाइल फोटो 

सुशांत सिंह राजपूत हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के उभरते सितारे थे. उनकी फिल्मों को दर्शक पसंद करते थे और उनकी सादगी के फैंस दीवाने थे. बड़े स्टार होने के बावजूद सुशांत सिंह राजपूत जमीन से जुड़े हुए थे. उनकी यही बात उन्हें लोगों का फेवरेट बनाती थी.

सुशांत सिंह राजपूत बिहार के पटना के रहने वाले थे. मुंबई आने के बाद भी वह अपने परिवार और अपने गांव से जुड़े थे. इतना ही नहीं वह अपनी मांगी एक मन्नत को पूरा करने वापस गांव भी गए थे.
डायरेक्टर न‍ितेश त‍िवारी की फिल्म छ‍िछोरे की शूटिंग के दौरान सुशांत अपने गांव पहुंचे थे. उस समय उनकी कई तस्वीरें सामने आई थीं. सुशांत शूटिंग से समय निकालकर ब‍िहार के खगड़िया जिले के बोरने गांव पहुंचे थे. उस समय सुशांत का गांव जाना काफी स्पेशल था क्यों‍कि वह करीब 17 साल बाद अपने पैतृक गांव गए थे.
सुशांत ने गांव जाकर मुंडन संस्कार कराया था. लेकिन उन्होंने पूरे बाल कटवाने की जगह परंपरा को पूरा करने के लिए थोड़े बालों को ही कटवाया था. सुशांत मुंडन कराने खगड़िया जिले के बोरने स्थित भगवती मंदिर पहुंचे थे.
ऐसा करने के पीछे सुशांत की मां की मांगी मन्नत थी कि बेटा ठीक रहेगा. अच्छा काम करेगा तो यहां माता के मंद‍िर में मुंडन करवाएंगी. अपनी मां की इसी विश को पूरा करने के लिए सुशांत 17 साल बाद गांव गए थे.
इस बारे में सुशांत सिंह राजपूत ने कहा भी था, "मुझे मां से भी प्यार है और देवी मां से भी, इसल‍िए सब छोड़ककर मन्नत पूरी करने 17 साल बाद आया हूं." जाहिर है कि सुशांत अपनी मां के बेहद करीब थे. उनकी मां ने कम उम्र में उनका साथ छोड़ दिया था. ऐसे में सुशांत ने बताया था कि वह अकेला महसूस करते हैं.
अफसोस सुशांत सिंह राजपूत आज हमारे बीच नहीं हैं. उन्हें 14 जून 2020 को अपने बांद्रा स्थित अपार्टमेंट में मृत पाया गया था. उन्होंने ऐसा क्यों किया इस राज से आज भी पर्दा नहीं उठ पाया है.
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