मुंबई Mumbai: आज से 60 साल पहले बनी फिल्म ‘संगम’ का एक गाना, ‘ओ मेरे सनम, ओ मेरे सनम’ रिलीज़ हुआ था। उस गीत के पहले एक दृश्य को याद करिए। फिल्म में इने के सामने शानदार वैजयंतीमालाvaijayantimalaगहने पहन रही हैं। राज कपूर आते हैं और नायिका से दूसरी गहना पहनने का अनुरोध करते हैं। वैजयंतीमाला कहावतें हैं कि तुम अपनी पसंद के गहने निकाल लाओ। जब वो लॉकर से घना निकलते रहते हैं तो उनके हाथ में एक प्रेम पत्र लगता है। वोहे पढ़ते हैं। वो जानना चाहते हैं कि किसने लिखा है। बस फोन की घंटी बजती है। वैजयंतीमाला अपने हाथों से प्रेम पत्र लेकर फोन उठाकर दूसरे कमरे में चली जाती हैं। फोन पर बात करते-करते वो प्रेम पत्र रिकॉर्डर खिड़कियों से बाहर फेंक देती हैं। राज कपूर ये देख लेते हैं। जब वो दोनों पार्टी में जाने के लिए उतरते हैं, तो राज कपूर रुमाल भूलने का मुखौटा पहनकर वापस घर में घुसते हैं। खिड़की के बाहर फटे प्रेम पत्र को उठा रहे होते हैं। वैजयंतीमाला को शक हो जाता है। वो भी वापस कमरे में आती हैं।
दोनों में झगड़ा होता है। फिर राज कपूर Raj Kapoorकी पिस्तौल लेकर आते हैं और वैजयंतीमाला से कहते हैं कि जब तक उनका ये पता नहीं चलेगा कि ये खत किसने लिखा, तब तक वो अंगारों पर लोटते रहेंगे, जैसे ही पता चलेगा वैसे ही ये अंगारा उसके सीन में उतरेंगे। जब हम कार के पास पहुंचे, तो मैं रुमाल भूलने का रास्ता बदलकर उसी स्थान पर पहुंच गया। तब तक मेड ने पेपरिंग के फिक्सचर को फील से निकालकर डस्टबिन में डाल दिया था। मैंने डस्टबिन से फटे हुए कागज़ को अपने कमरे की दराज में रख दिया। जब पार्टी से भुगतान करें, तो उन फटे कागजों को पैटर्न पढ़ें। वह शाहिद लतीफ नाम के एक निर्माता का प्रस्तावना था। नर्गिस ने पहली बार मुझसे झूठ बोला था और मेरा विश्वास तोड़ा था। इस घटना के बाद राज कपूर और नर्गिस के बीच जबरदस्त झगड़ा हुआ था। कहा जाता है कि तभी से राज कपूर की जिंदगी में शराब का प्रवेश हुआ। राज कपूर ने अपनी जिंदगी की इस सच्ची घटना को ‘संगम’ फिल्म में जस का तस रख दिया। फिल्म में भी इस घटना के बाद की पार्टी में राजपूर्ण शराब पी जाती है।
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