Entertainment मनोरंजन : गली बॉय' और 'गहराइयां' जैसी फिल्मों में नजर आए अभिनेता सिद्धांत चतुर्वेदी भोपाल में हो रहे संवाद कार्यक्रम में पहुंचे। इस दौरान अभिनेता ने सिनेमा और फिल्मों को लेकर बात की।
कार्यक्रम में पहुंचे सिद्धांत ने अपने संवाद की शुरुआत भोजपुरी भाषा में ही की। उन्होंने भोजपुरी में ही बताया कि वो यहां आकर काफी अच्छा महसूस कर रहे हैं। जबसे उनसे पूछा गया कि क्या आज भी वो अपनी मां के द्वारा बनाया गया तेल लगाकर ही आए हैं, तो उन्होंने कहा कि वो अक्सर किचन में कुछ न कुछ करती रहती हैं। मेरी त्वचा की सुंदरता का राज मां के नुस्खे ही हैं।
इंडस्ट्री में उतार-चढ़ाव इसलिए आ रहे हैं क्योंकि हम अपनी जड़ों से दूर जा चुके हैं। साउथ वाले अपनी फिल्मों में अपना कल्चर दिखाते हैं पर हमारे यहां वैसा नहीं होता। अब मुझे अपनी मिट्टी की, बस्ती की और देश की कहानियां पेश करनी हैं। अब मेरे अगले फेज में आप मुझे ऐसी ही फिल्मों में देखेंगे। सीए सिर्फ एक बैकअप प्लान था।
पापा ने कहा कि बेटा कुछ तो कर लो ताकि रोटी-रोजी चलती रहे। पापा ने कहा था कि 21 साल तक सीए कर लो साथ में बीकॉम चलता रहेगा। 21 साल में एक्टर तो बन नहीं जाओगे। हालांकि, ये इतना आसान नहीं था जितना पापा ने कहा था। हां मैं सीए तो नहीं करता। हां हो सकता कविताएं लिखता या जो भी करता कला के क्षेत्र में ही करता।
मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि इतने बड़े स्टार्स के साथ काम करने का मौका मिला। जोया ने मुझे एक पार्टी में डांस करते हुए देखा था। इसके बाद मुझे रोल के लिए कॉल आया था। पहले मुझे लगा कि हीरो के दोस्त वाला कैरेक्टर होगा। फिर जब स्क्रिप्ट पढ़ी तो लगा कि ये तो कमाल का किरदार है। मैं थक भी चुका था और कुछ अच्छा करना चाह रहा था। हालांकि, जब फिल्म रिलीज हुई तब जो प्रशंसा मिली, उससे काफी खुश हुआ। मैं फिल्म के प्रमोशन से दूर था। लेकिन इसके बाद एक जगह मैं खड़ा था, मम्मी पापा के साथ।
उसी दौरान आलिया आईं और उन्होंने मेरी तारीफ करते हुए कहा कि तुम्हारी जिंदगी बदलने वाली है। मुझे लगा बड़े लोग हैं कहते रहते हैं। लेकिन आप यकीन मानिए मैंने आज तक भी गली बॉय नहीं देखी है। स्क्रीनिंग पर भी मैं फिल्म नहीं देख पाया था। क्योंकि मेरे मां-बाप रो रहे थे। स्क्रीनिंग के बाद जब हम लोग बाहर निकले तो पूरी मीडिया ने घेर लिया और हर कोई मुझसे पूछने लगा आपने कैसे किया? लेकिन मैं उस समय भी सिर्फ अपने मम्मी-पापा को ही देख रहा था जो दूर खड़े थे। अभी भी यकीन नहीं होता है कि ये सब हो चुका है।