मुंबई \ तमिल सिनेमा और कराटे की दुनिया का एक जाना-माना नाम शिहान हुसैनी अब इस दुनिया में नहीं रहे। 60 साल की उम्र में उन्होंने अंतिम सांस ली, वे लंबे समय से ब्लड कैंसर से जूझ रहे थे। अपने करियर में उन्होंने कमल हासन और रजनीकांत जैसे दिग्गजों के साथ काम किया और कई फिल्मों में दमदार भूमिकाएं निभाईं।

सिनेमा में हुसैनी की पहचान

शिहान हुसैनी ने 1986 में तमिल फिल्म ‘पुन्नगई मन्नन’ से अपने फिल्मी सफर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने ‘वेलाइकरण’ और ‘बद्री’ जैसी कई चर्चित फिल्मों में काम किया। तमिल सिनेमा में अपने छोटे लेकिन प्रभावशाली किरदारों के लिए वे हमेशा याद किए जाएंगे।

कराटे और तीरंदाजी में योगदान

सिर्फ अभिनेता ही नहीं, बल्कि वे एक बेहतरीन कराटे मास्टर और तीरंदाजी के प्रशिक्षक भी थे। उन्होंने तमिलनाडु में आधुनिक तीरंदाजी को बढ़ावा दिया और कई युवाओं को प्रशिक्षित किया। कराटे के क्षेत्र में उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें कई पुरस्कार भी मिले।

मेडिकल रिसर्च के लिए किया शरीर दान

शिहान हुसैनी की आखिरी इच्छा थी कि उनके निधन के बाद उनका शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए दान कर दिया जाए। वे चाहते थे कि उनकी मृत्यु के बाद भी उनका योगदान समाज के काम आए। उनके परिवार ने उनकी इस इच्छा को पूरा करने का फैसला किया।

अभिनेता को दी गई श्रद्धांजलि

उनके निधन के बाद फिल्म जगत और खेल जगत में शोक की लहर है। उनके चाहने वालों ने कराटे ‘काता’ का प्रदर्शन कर और तीर चलाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

शिहान हुसैनी ने अपनी जिंदगी में कई क्षेत्रों में योगदान दिया और उनकी विरासत हमेशा लोगों को प्रेरित करती रहेगी

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