फिल्म में सिद्धार्थ मल्होत्रा ने कैप्टन विक्रम बत्रा और कियारा आडवाणी ने डिंपल चीमा का किरदार निभाया। ‘रातां लंबियां’ दोनों किरदारों के प्रेम को सामने लाने वाला गीत है। इसकी रोमांटिक प्रस्तुति में संगीत के साथ कलाकारों के बीच का तालमेल प्रमुख है। पर्दे पर दिखाई गई यह कहानी वास्तविक जीवन के पात्रों से प्रेरित है। इसी कारण गीत को देखते समय फिल्म के किरदारों और उन्हें निभाने वाले कलाकारों की निजी जिंदगी के बीच अंतर रखना जरूरी है।
गीत का नाम, गायकों की आवाज और सिद्धार्थ-कियारा की मौजूदगी इसकी पहचान के तीन महत्वपूर्ण हिस्से हैं। जुबिन नौटियाल तथा असीस कौर की युगल गायिकी में इसे प्रस्तुत किया गया है। आधिकारिक संगीत वीडियो के शीर्षक में भी फिल्म, दोनों कलाकारों, संगीतकार और गायकों को श्रेय दिया गया है। इसलिए इस गाने की चर्चा केवल अभिनेता-अभिनेत्री की जोड़ी तक सीमित नहीं है; इसके निर्माण से जुड़े संगीत कलाकारों का योगदान भी साथ आता है।
‘रातां लंबियां’ को इसके आधिकारिक पूर्ण गीत के परिचय में भी प्रेम गीत के रूप में प्रचारित किया गया था। संगीत प्रकाशक ने इसे उस वर्ष के प्रमुख रोमांटिक गीत के रूप में पेश किया। ‘लव एंथम’ जैसी पहचान इसी रोमांटिक छवि को व्यक्त करती है। यह कोई औपचारिक पुरस्कार या प्रमाणित उपाधि नहीं है, बल्कि गीत के प्रति प्रेम और उसकी भावनात्मक पहचान बताने वाला लोकप्रिय संबोधन है।
सिद्धार्थ और कियारा ने सात फरवरी 2023 को जैसलमेर के सूर्यगढ़ पैलेस में शादी की थी। ‘शेरशाह’ और उसके गीतों को उनकी जोड़ी की चर्चा में खास स्थान मिलता है। शादी के बाद दर्शकों के लिए फिल्म में दिखाई गई उनकी रोमांटिक केमिस्ट्री एक अलग संदर्भ लेकर आई। लेकिन यह कहना कि गाने ने निश्चित रूप से उनके रिश्ते का रहस्य खोल दिया था, एक भावनात्मक व्याख्या है। गीत में दिखाई गई कहानी फिल्म के पात्रों की है।
पांच साल पुराने गीत की चर्चा में उसकी रिलीज और आज की लोकप्रियता को भी अलग-अलग समझना चाहिए। रिलीज की तारीख तथा गायकों और संगीतकार के नाम उपलब्ध संगीत विवरण से स्पष्ट होते हैं। वहीं, वर्तमान व्यूज और स्ट्रीमिंग रैंक समय के साथ बदलते हैं। इसलिए किसी पुराने आंकड़े को आज की स्थिति बताकर पेश करना सही नहीं होगा। इस लेख में गीत के लिए कोई नया व्यूज रिकॉर्ड या वर्तमान चार्ट स्थान घोषित नहीं किया गया है।
‘रातां लंबियां’ की खास पहचान ‘शेरशाह’ के रोमांटिक संगीत और सिद्धार्थ-कियारा की पर्दे की जोड़ी से बनी है। पांच साल बाद इसे याद करने का संदर्भ केवल इसकी उम्र नहीं, बल्कि फिल्म के साथ जुड़ी वह संगीत स्मृति भी है। जुबिन नौटियाल, असीस कौर और तनिष्क बागची के नाम इस गीत के आधिकारिक श्रेय में शामिल हैं।