एंटरटेनमेंट डेस्क: अभिनेत्री और गायिका शहनाज गिल ने बॉलीवुड में कलाकारों की फीस और अपने हक के लिए आवाज उठाने को लेकर खुलकर बात की है। इंडस्ट्री में पारिश्रमिक के अंतर से जुड़े सवाल पर शहनाज ने कहा कि कलाकारों को अपनी कीमत समझनी चाहिए और अपने लिए सम्मान की मांग करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उनका कहना है कि अगर कोई व्यक्ति खुद सम्मान की मांग नहीं करता तो उसे वह सम्मान मिलने की उम्मीद भी नहीं करनी चाहिए।
शहनाज गिल ने अपने अनुभव और फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के तरीके को लेकर बात करते हुए संकेत दिया कि किसी कलाकार को अपनी मेहनत की कीमत खुद समझनी होती है। उन्होंने कहा, “अगर आप सम्मान की मांग नहीं करते, तो आपको सम्मान नहीं मिलता।” उनके इस बयान को फीस और काम के अवसरों में समानता की बहस से जोड़कर देखा जा रहा है।
अपनी कीमत समझना जरूरी
शहनाज का मानना है कि इंडस्ट्री में आगे बढ़ने के लिए केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि अपनी वैल्यू को समझना भी महत्वपूर्ण है। कलाकार को यह पता होना चाहिए कि वह किसी प्रोजेक्ट में क्या योगदान दे रहा है और उसके काम के बदले उसे क्या मिलना चाहिए।
फिल्म इंडस्ट्री में अभिनेता और अभिनेत्रियों की फीस में अंतर का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। कई अभिनेत्रियां पहले भी इस विषय पर अपनी राय रख चुकी हैं। हालांकि किसी कलाकार की फीस केवल जेंडर के आधार पर तय होती है, ऐसा हर मामले में नहीं कहा जा सकता। स्टार वैल्यू, बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन, भूमिका, शूटिंग के दिनों और प्रोजेक्ट के बजट जैसे कई कारक पारिश्रमिक को प्रभावित कर सकते हैं।
सम्मान के लिए खुद रखनी होगी बात
शहनाज के बयान का फोकस केवल पैसों तक सीमित नहीं दिखाई देता। उन्होंने सम्मान और अपनी बात मजबूती से रखने पर भी जोर दिया। उनके मुताबिक अगर किसी व्यक्ति को लगता है कि उसके साथ सही व्यवहार नहीं हो रहा या उसे उसकी मेहनत के मुताबिक महत्व नहीं मिल रहा, तो उसे अपनी बात सामने रखनी चाहिए।
शहनाज गिल ने रियलिटी टेलीविजन से लोकप्रियता हासिल करने के बाद म्यूजिक वीडियो और फिल्मों तक अपना सफर तय किया है। इसी वजह से उनके करियर और इंडस्ट्री से जुड़े अनुभवों पर प्रशंसकों की नजर रहती है।
उनका यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा हो रही है। कई प्रशंसक इसे आत्मसम्मान और अपने हक के लिए खड़े होने के संदेश के तौर पर देख रहे हैं।
फिलहाल शहनाज की बात ने बॉलीवुड में फीस के अंतर से जुड़ी पुरानी बहस को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। उनके मुताबिक बदलाव के लिए कलाकारों को खुद अपनी कीमत पहचाननी होगी और सम्मान तथा उचित पारिश्रमिक के लिए अपनी बात स्पष्ट रूप से रखनी होगी।
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