मुंबई: अभिनेता संजय दत्त के हालिया बयान को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा और आलोचना के बाद उन्होंने सफाई दी है। संजय दत्त ने स्पष्ट किया कि उनकी टिप्पणी एक स्क्रिप्टेड बातचीत के संदर्भ में थी और उसका मकसद हल्के-फुल्के और हास्यपूर्ण अंदाज में बात करना था। उन्होंने कहा कि उनकी बात को उस संदर्भ से अलग करके नहीं देखा जाना चाहिए।
संजय दत्त की यह सफाई उनके उस बयान के बाद आई, जिसमें उन्होंने भारत में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करने की बात कही थी। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं और उनकी टिप्पणी को लेकर बहस शुरू हो गई। बाद में संजय दत्त ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए मामले पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि जिस बातचीत का वीडियो सामने आया था, वह पूरी तरह स्वाभाविक बातचीत नहीं थी, बल्कि एक तय स्क्रिप्ट के संदर्भ में की गई थी।
अभिनेता ने कहा कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य किसी तरह की गंभीर राजनीतिक या सामाजिक राय व्यक्त करना नहीं था। उनके मुताबिक बातचीत का संदर्भ हल्का-फुल्का और मजाकिया था।
इस सफाई के बाद उनके पहले बयान को लेकर चल रही चर्चा में नया मोड़ आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के आधार पर उनके बयान को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे, लेकिन संजय दत्त ने अब उसके संदर्भ को स्पष्ट किया है।
संजय दत्त लंबे समय से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और अलग-अलग भाषाओं की फिल्मों में भी काम कर चुके हैं। वह अपने बेबाक अंदाज और निजी जिंदगी से जुड़े मुद्दों को लेकर भी सुर्खियों में रहते हैं।
उनके हालिया बयान को लेकर विवाद उस समय बढ़ा, जब सोशल मीडिया पर बातचीत के एक हिस्से को साझा किया गया। इस क्लिप में भारत में सुरक्षा को लेकर संजय दत्त की टिप्पणी सुनाई दी। इसके बाद कई यूजर्स ने उनकी बात पर प्रतिक्रिया दी।
आलोचना बढ़ने के बाद अभिनेता ने सफाई देते हुए बातचीत के संदर्भ पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि यह एक स्क्रिप्टेड बातचीत थी और उनकी टिप्पणी का मकसद हल्के-फुल्के अंदाज में बात करना था। संजय दत्त की सफाई का मुख्य बिंदु यही रहा कि वीडियो में कही गई बात को पूरी बातचीत के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने अपनी टिप्पणी को किसी व्यापक राजनीतिक या सामाजिक बयान के रूप में पेश किए जाने से अलग किया।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब फिल्मी सितारों के इंटरव्यू और सोशल मीडिया क्लिप तेजी से वायरल होते हैं। कई बार बातचीत के छोटे हिस्से अलग संदर्भ में सामने आने पर उस पर बहस शुरू हो जाती है। संजय दत्त के मामले में भी उनके अनुसार यही हुआ। उन्होंने कहा कि बातचीत का स्वरूप पहले से तय था और उसका उद्देश्य गंभीर टिप्पणी करना नहीं था।
फिलहाल अभिनेता की सफाई सामने आने के बाद यह स्पष्ट है कि वह अपने बयान को एक स्क्रिप्टेड और हास्यपूर्ण बातचीत के संदर्भ में रख रहे हैं। उनकी ओर से दी गई सफाई के बाद अब उनके बयान को लेकर चल रही बहस का केंद्र उसके संदर्भ पर है।
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