मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा के लिए फिल्म ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ बेहद खास साबित हुई है। अभिनेता को इस फिल्म के लिए ‘बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर’ का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला है। ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ रणदीप के निर्देशन में बनी पहली फिल्म थी। निर्देशन के साथ उन्होंने फिल्म में मुख्य भूमिका निभाई और इसके लेखन तथा निर्माण से भी जुड़े रहे। राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने के बाद अभिनेता ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए इस उपलब्धि को अपने जीवन का यादगार पल बताया।

2024 में रिलीज हुई ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ में रणदीप हुड्डा ने विनायक दामोदर सावरकर की भूमिका निभाई थी। फिल्म में अभिनेत्री अंकिता लोखंडे ने यमुनाबाई सावरकर का किरदार निभाया। रणदीप के लिए यह प्रोजेक्ट अभिनय तक सीमित नहीं था। उन्होंने फिल्म को सह-लेखन और सह-निर्माण करने के साथ पहली बार निर्देशन की जिम्मेदारी भी संभाली।

इस फिल्म के लिए रणदीप ने अपने किरदार और लुक पर काफी मेहनत की थी। फिल्म की रिलीज के दौरान उनके शारीरिक बदलाव की भी काफी चर्चा हुई थी। अब इसी फिल्म के निर्देशन के लिए उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने से उनके करियर में एक और उपलब्धि जुड़ गई है।

नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिलने के बाद रणदीप हुड्डा ने सोशल मीडिया पर पुरस्कार समारोह की कई तस्वीरें शेयर कीं। इसके साथ उन्होंने एक भावुक नोट भी लिखा। इसमें उन्होंने बताया कि यह पल उनके लिए सिर्फ एक अभिनेता या फिल्म निर्देशक के तौर पर महत्वपूर्ण नहीं था, बल्कि व्यक्तिगत जिंदगी में भी बेहद खास था।

रणदीप ने अपनी पोस्ट में अपनी नवजात बेटी नियोमिका का विशेष जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इस बार वह पुरस्कार समारोह में सिर्फ रणदीप हुड्डा के तौर पर नहीं पहुंचे थे, बल्कि अपनी बेटी के पिता के रूप में भी वहां मौजूद थे। बेटी के जन्म के बाद मिले इस सम्मान ने इस उपलब्धि को उनके लिए और भावनात्मक बना दिया।

रणदीप हुड्डा और उनकी पत्नी लिन लैशराम ने इसी साल 10 मार्च को अपनी बेटी नियोमिका का स्वागत किया था। पिता बनने के बाद रणदीप के जीवन में आए इस बदलाव की झलक उनके सोशल मीडिया पोस्ट में भी दिखाई दी। अभिनेता ने राष्ट्रीय पुरस्कार से जुड़े अपने खास पलों को परिवार के साथ साझा किया।

रणदीप की ओर से शेयर की गई तस्वीरों में उनकी पत्नी लिन लैशराम, बेटी नियोमिका और उनके पिता रणबीर हुड्डा भी दिखाई दिए। अभिनेता ने अपनी बेटी की निजता बनाए रखते हुए तस्वीरों में उसका चेहरा इमोजी से छिपाया। परिवार के साथ पुरस्कार समारोह की तस्वीरों को उनके प्रशंसकों ने भी खूब पसंद किया।

रणदीप ने अपने नोट में यह जाहिर किया कि एक कलाकार के रूप में सम्मान मिलने और पिता बनने की खुशी का एक साथ अनुभव करना उनके लिए बेहद खास रहा। फिल्म के निर्माण से लेकर राष्ट्रीय पुरस्कार तक पहुंचने की यात्रा में कई चुनौतियां रही थीं। ऐसे में पहली निर्देशित फिल्म के लिए पुरस्कार मिलने ने इस उपलब्धि को और महत्वपूर्ण बना दिया।

‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ रणदीप हुड्डा के करियर की महत्वाकांक्षी फिल्मों में से एक रही है। फिल्म के लिए उन्होंने अभिनय के साथ पर्दे के पीछे की कई जिम्मेदारियां भी संभालीं। निर्देशन में पहली कोशिश होने के बावजूद उन्होंने प्रोजेक्ट के रचनात्मक पक्ष की जिम्मेदारी अपने हाथ में ली।

फिल्म में सावरकर के जीवन और स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े विभिन्न घटनाक्रमों को पर्दे पर पेश किया गया था। रिलीज के समय फिल्म की विषयवस्तु और ऐतिहासिक प्रस्तुति को लेकर सार्वजनिक और राजनीतिक बहस भी हुई थी। वहीं रणदीप के अभिनय और उनके शारीरिक परिवर्तन ने भी दर्शकों का ध्यान खींचा था।

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारतीय सिनेमा के प्रमुख सरकारी सम्मानों में शामिल हैं। अलग-अलग भाषाओं और श्रेणियों की फिल्मों तथा कलाकारों को उनके काम के लिए इन पुरस्कारों से सम्मानित किया जाता है। रणदीप के लिए ‘बेस्ट डेब्यू डायरेक्टर’ का सम्मान इसलिए खास है क्योंकि इससे उनके अभिनय के साथ निर्देशन के क्षेत्र में किए गए पहले प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है।

रणदीप हुड्डा लंबे समय से हिंदी सिनेमा में अलग-अलग तरह के किरदार निभाने के लिए जाने जाते हैं। ‘सरबजीत’, ‘हाईवे’ और ‘सरदार का ग्रैंडसन’ सहित कई फिल्मों में वह अलग-अलग भूमिकाओं में दिखाई दे चुके हैं। ‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ के जरिए उन्होंने कैमरे के पीछे जाकर निर्देशन में भी कदम रखा।

इस फिल्म में रणदीप के साथ अंकिता लोखंडे की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। उन्होंने यमुनाबाई सावरकर का किरदार निभाया। फिल्म के निर्माण में कलाकारों और तकनीकी टीम की भूमिका को लेकर रणदीप पहले भी कई मौकों पर अपनी टीम का आभार व्यक्त कर चुके हैं।

अब राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने के बाद उनकी निर्देशन यात्रा को नई पहचान मिली है। पुरस्कार समारोह की तस्वीरों में अभिनेता की पेशेवर उपलब्धि और निजी जीवन के खास पल दोनों साथ नजर आए। पिता रणबीर हुड्डा, पत्नी लिन लैशराम और बेटी नियोमिका के साथ इस उपलब्धि का जश्न उनके लिए पारिवारिक अवसर भी बन गया।

रणदीप हुड्डा की सोशल मीडिया पोस्ट में सबसे ज्यादा चर्चा बेटी नियोमिका के जिक्र की रही। अभिनेता ने बेटी का चेहरा सार्वजनिक नहीं किया और तस्वीरों में इमोजी लगाकर उसकी पहचान छिपाए रखी। इसके साथ ही उन्होंने पिता बनने के बाद मिले इस बड़े सम्मान की खुशी प्रशंसकों के साथ साझा की।

‘स्वातंत्र्य वीर सावरकर’ से निर्देशन की शुरुआत और पहली ही निर्देशित फिल्म के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि रणदीप हुड्डा आगे निर्देशन में कौन-सा प्रोजेक्ट चुनते हैं। फिलहाल अभिनेता अपने नेशनल फिल्म अवॉर्ड और परिवार के साथ बिताए इस खास पल को लेकर चर्चा में हैं।

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