अमेरिकी लग्जरी फैशन ब्रांड राल्फ लॉरेन एक बार फिर भारतीय पारंपरिक कला और डिजाइन को लेकर चर्चा में है। सोशल मीडिया पर कई भारतीय यूजर्स ने ब्रांड के कुछ कलेक्शन को लेकर प्रतिक्रिया दी है और आरोप लगाया है कि इनमें भारतीय कारीगरी से मिलते-जुलते तत्व नजर आते हैं। यह विवाद उस समय बढ़ा जब कुछ यूजर्स ने ब्रांड के डिजाइन में भारतीय पारंपरिक शिल्प जैसे जरदोजी, बांधनी और आभूषण शैली की झलक होने की बात कही।
झुमकों से शुरू हुई थी बहस
राल्फ लॉरेन को लेकर भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स की नाराजगी पहले भी सामने आ चुकी है। कुछ लोगों ने ब्रांड के आभूषण डिजाइनों में भारतीय झुमकों जैसी समानता को लेकर सवाल उठाए थे। इसके बाद बांधनी पैटर्न और अब जरदोजी कढ़ाई को लेकर चर्चा शुरू हुई।
जरदोजी कढ़ाई पर उठे सवाल
जरदोजी भारत की सदियों पुरानी कढ़ाई कला है, जिसमें सोने-चांदी जैसे धातु के धागों और बारीक सजावट का इस्तेमाल किया जाता है। यह कला भारतीय शाही परिधानों और शादी के कपड़ों में काफी प्रसिद्ध रही है। कुछ सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि विदेशी फैशन ब्रांड भारतीय पारंपरिक कलाओं से प्रेरणा लेते हैं, लेकिन कारीगरों और उनकी विरासत को पर्याप्त पहचान नहीं मिलती।
फैशन और सांस्कृतिक पहचान की बहस
वैश्विक फैशन जगत में अलग-अलग देशों की कला और परंपराओं से प्रेरणा लेना आम है। लेकिन जब किसी समुदाय या देश की पारंपरिक कला का इस्तेमाल किया जाता है, तो सांस्कृतिक श्रेय और मौलिकता को लेकर बहस शुरू हो जाती है। इसी वजह से राल्फ लॉरेन के कुछ डिजाइन भारतीय सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।
ब्रांड पर पहले भी लगे हैं आरोप
राल्फ लॉरेन जैसे बड़े फैशन ब्रांड पहले भी अलग-अलग संस्कृतियों से जुड़े डिजाइन इस्तेमाल करने को लेकर आलोचना का सामना कर चुके हैं। हालांकि, किसी डिजाइन की प्रेरणा और समानता को लेकर अलग-अलग पक्षों की अलग-अलग राय होती है।
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