अभिनेत्री प्राची शाह पांड्या इन दिनों अपनी नई परियोजना 'आदर्श बाल विद्यालय' को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने अपने किरदार और शो से जुड़ी भावनाओं को साझा करते हुए कहा कि कई बार सबसे शांत और साधारण दिखने वाले किरदार ही दर्शकों के दिल पर सबसे गहरा असर छोड़ जाते हैं।
प्राची शाह पांड्या का मानना है कि किसी किरदार की लोकप्रियता सिर्फ उसके संवाद या स्क्रीन टाइम से तय नहीं होती, बल्कि उसकी भावनाओं और कहानी से जुड़ाव भी उतना ही महत्वपूर्ण होता है।
शांत किरदारों की होती है अलग पहचान
प्राची ने कहा कि पर्दे पर कुछ किरदार बहुत ज्यादा शोर नहीं करते, लेकिन उनकी मौजूदगी कहानी को मजबूत बनाती है। ऐसे किरदार दर्शकों के मन में धीरे-धीरे जगह बनाते हैं और लंबे समय तक याद रहते हैं।

उनके अनुसार, एक कलाकार के लिए ऐसे किरदार निभाना चुनौतीपूर्ण भी होता है, क्योंकि बिना ज्यादा दिखावे के भावनाओं को दर्शकों तक पहुंचाना पड़ता है।

'आदर्श बाल विद्यालय' से जुड़ाव
'आदर्श बाल विद्यालय' में अपने किरदार को लेकर प्राची शाह पांड्या ने बताया कि यह भूमिका उनके लिए खास अनुभव रही। उन्होंने कहा कि कहानी और किरदार की गहराई ने उन्हें इस प्रोजेक्ट से जुड़ने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने किरदार की बारीकियों को समझने और उसे वास्तविक रूप देने के लिए काफी मेहनत की।
अभिनय में भावनाओं का महत्व
प्राची का कहना है कि अच्छा अभिनय केवल संवाद बोलने तक सीमित नहीं होता। चेहरे के भाव, छोटे-छोटे हावभाव और किरदार की सोच को समझना भी उतना ही जरूरी होता है।
उन्होंने कहा कि दर्शक उन किरदारों से ज्यादा जुड़ते हैं जिनमें उन्हें वास्तविक जिंदगी की झलक दिखाई देती है।
दर्शकों से जुड़ने की उम्मीद
अभिनेत्री को उम्मीद है कि 'आदर्श बाल विद्यालय' की कहानी और किरदार दर्शकों को पसंद आएंगे। उनका मानना है कि मनोरंजन के साथ-साथ ऐसी कहानियां कुछ संदेश भी देती हैं।
प्राची शाह पांड्या का यह अनुभव एक बार फिर दिखाता है कि पर्दे पर छोटा या शांत किरदार भी अपनी मजबूत छाप छोड़ सकता है।
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