मुंबई। बॉलीवुड अभिनेत्री मृणाल ठाकुर ने अपनी पहचान और तस्वीरों का इस्तेमाल कर बनाए गए कथित डीपफेक कंटेंट को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। अभिनेत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के गलत इस्तेमाल पर चिंता जताते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी शक्ल या पहचान का गलत उपयोग आगे भी जारी रहा, तो वह कानूनी कार्रवाई करेंगी।
सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में मृणाल ठाकुर ने डीपफेक वीडियो और तस्वीरों के निर्माण तथा प्रसार को गैर-कानूनी और अस्वीकार्य बताया। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी व्यक्ति की पहचान का इस तरह दुरुपयोग नहीं किया जा सकता और ऐसे मामलों में सख्त कदम उठाए जाएंगे।
मृणाल ने सोमवार (4 अगस्त) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि उनकी शक्ल या पहचान का इस्तेमाल करके डीपफेक कंटेंट बनाना या उसे साझा करना पूरी तरह गलत है। अभिनेत्री ने इसे तत्काल रोकने की मांग करते हुए कहा कि आगे ऐसा होने पर कानूनी रास्ता अपनाया जाएगा।
उन्होंने अपने संदेश में कहा, “मेरी शक्ल या पहचान का इस्तेमाल करके डीपफेक कंटेंट बनाना या शेयर करना गैर-कानूनी और अस्वीकार्य है। इसे तुरंत रोकने के लिए मेरी तरफ से औपचारिक चेतावनी समझें। अगर मेरी पहचान का आगे भी गलत इस्तेमाल किया गया, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
मृणाल ठाकुर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब AI तकनीक के जरिए बनाए जा रहे फर्जी वीडियो और तस्वीरों को लेकर दुनियाभर में चिंता बढ़ रही है। डीपफेक तकनीक की मदद से किसी व्यक्ति के चेहरे, आवाज या हाव-भाव को बदलकर ऐसा कंटेंट बनाया जा सकता है, जो देखने में वास्तविक लग सकता है।
पिछले कुछ समय में कई फिल्मी सितारों और सार्वजनिक हस्तियों ने डीपफेक कंटेंट के खिलाफ आवाज उठाई है। कई कलाकारों ने कहा है कि इस तकनीक का गलत इस्तेमाल उनकी निजता, छवि और सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है।
मृणाल ठाकुर भी अब उन अभिनेत्रियों की सूची में शामिल हो गई हैं, जिन्होंने AI के दुरुपयोग को लेकर सार्वजनिक रूप से अपनी चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि तकनीक का इस्तेमाल रचनात्मक कार्यों और सकारात्मक उद्देश्यों के लिए होना चाहिए, न कि किसी व्यक्ति की पहचान को नुकसान पहुंचाने के लिए।
डीपफेक कंटेंट को लेकर विशेषज्ञ भी लगातार जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर दे रहे हैं। उनका कहना है कि AI तकनीक जहां कई क्षेत्रों में उपयोगी साबित हो रही है, वहीं इसके गलत इस्तेमाल से फर्जी जानकारी फैलाने, प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और निजता के उल्लंघन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
मनोरंजन जगत की कई हस्तियां पहले भी डीपफेक वीडियो और फर्जी सामग्री को लेकर शिकायत कर चुकी हैं। खासतौर पर अभिनेत्रियों की तस्वीरों और वीडियो का गलत तरीके से इस्तेमाल चिंता का विषय रहा है।
मृणाल ठाकुर के बयान से यह साफ है कि वह इस मामले को गंभीरता से ले रही हैं और अपनी डिजिटल पहचान की सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं। उन्होंने सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं और कंटेंट बनाने वालों को भी संदेश दिया है कि किसी की अनुमति के बिना उसकी पहचान का इस्तेमाल करना गलत है।
अभिनेत्री की चेतावनी के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और कानून व्यवस्था किस तरह ऐसे मामलों पर नियंत्रण कर सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, डीपफेक जैसी तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल के बीच मजबूत साइबर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी हो गई है।
AI आधारित कंटेंट तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदार इस्तेमाल की जरूरत भी बढ़ गई है। मृणाल ठाकुर का मामला एक बार फिर यह याद दिलाता है कि तकनीक के विकास के साथ डिजिटल अधिकारों और व्यक्तिगत निजता की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।
फिलहाल अभिनेत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में ऐसी किसी भी गतिविधि के खिलाफ वह कानूनी कदम उठाने से पीछे नहीं हटेंगी।