साउथ फिल्मों की सफलता पर बोले मनोज बाजपेयी, कहा- ये बड़ी सीख है
लेकिन यह मुंबई फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक सीख है कि मेनस्ट्रीम सिनेमा कैसे बनाना है।'
जब से साउथ की फिल्में पैन इंडिया रिलीज होनी शुरू हुई हैं, तब से पूरा सिनेरियो ही बदल गया है। 'भारतीय सिनेमा' और 'रीजनल सिनेमा' को लेकर एक बहस छिड़ गई है। एक बाद एक सुपरहिट होतीं और बंपर कमाई करतीं साउथ की फिल्मों के आगे बॉलिवुड 'बौना' साबित हो रहा है। इसका ताजा उदाहरण हाल ही रिलीज हुई KGF: Chapter 2 और RRR है। इन फिल्मों की वजह से बॉक्स ऑफिस पर न सिर्फ नोटों की खूब बारिश हो रही है, बल्कि बॉलिवुड भी 'थरथरा' उठा है। नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) ने हाल ही साउथ की फिल्मों की सफलता पर सवाल खड़ा किया था और कहा था कि यह असली सिनेमा नहीं है। लेकिन ऐक्टर मनोज बाजपेयी (Manoj Bajpayee) बेहद खुश हैं पर साथ ही उन्होंने बताया है कि बॉलिवुड कहां और किस मामले में साउथ फिल्म इंडस्ट्री से पिछड़ गया।
मनोज बाजपेयी ने कहा कि साउथ फिल्मों की सफलता ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री को बुरी तरह कंपा दिया है। लोगों को समझ नहीं आ रहा है कि कहां जाएं, कहां देखें। उन्होंने यह भी कहा कि साउथ फिल्मों की सफलता बॉलिवुड के लिए एक सीख है।
मनोज बाजपेयी ने साउथ फिल्मों की सफलता और साउथ सिनेमा की खासियत पर हमारे सहयोगी ईटाइम्स के साथ बातचीत में काफी कुछ कहा। मनोज बाजपेयी बोले, 'साउथ की फिल्में इतनी ब्लॉकबस्टर हो रही हैं....मनोज बाजपेयी और मुझ जैसों को तो छोड़ों, इन फिल्मों की सफलता ने पूरी मुंबई फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। किसी को समझ नहीं आ रहा है कि कहां देखें, क्या करें।'
इसलिए अलग है साउथ सिनेमा, मनोज बाजपेयी ने गिनाईं खूबियां
मनोज बाजपेयी ने आगे कहा, 'वो बहुत जुनूनी हैं। वो (फिल्म का) हर शॉट ऐसे लेते हैं मानो दुनिया का बेस्ट शॉट ले रहे हों। इसमें बहुत जुनून और सोच-विचार लगता है। वो एक बार भी दर्शकों के बारे में अपमानजनक तरीके से बात नहीं करते। वो यह नहीं कहते कि अरे दर्शक समझ जाएंगे। 'ये massy है, ये चल जाएगा'- वो इस भाषा में कभी बात नहीं करते। वो एक फिल्म को उसी तरह शूट करते हैं जैसा उन्होंने उसकी कल्पना की है। वो इसे दर्शरों की वजह से कमतर नहीं रखते क्योंकि वो अपने दर्शकों को खूब सम्मान देते हैं और उनका जुनून भी सुप्रीम है।'
KGF 2 के बहाने समझाया बॉलिवुड क्यों और कहां रह गया पीछे
मनोज बाजपेयी ने फिर 'पुष्पा: द राइज' और 'केजीएफ: चैप्टर 2' का उदाहरण देते हुए बताया कि बॉलिवुड किस चीज में पीछे रह गया है। उसमें किस चीज की कमी है। मनोज बाजपेयी ने कहा, 'अगर आप 'पुष्पा' और KGF: 2' की मेकिंग देखो तो वह एकदम बेदाग है। हर एक सीन और फ्रेम इस तरह शूट किया गया है जैसे वह उनके लिए जिंदगी और मौत वाली स्थिति थी। हममें इसी चीज की कमी है। हम मेनस्ट्रीम फिल्मों के बारे में सिर्फ पैसा और बॉक्स ऑफिस के रूप में सोचने लगे। हम खुद की आलोचना नहीं कर सकते ना। इसलिए हम उनको 'डिफरेंट' कहकर अलग कर देंगे। लेकिन यह मुंबई फिल्म इंडस्ट्री के लिए एक सीख है कि मेनस्ट्रीम सिनेमा कैसे बनाना है।'