मुंबई। बॉक्स ऑफिस पर किसी फिल्म की सफलता सिर्फ इस बात से तय नहीं होती कि उसने 500 करोड़ या 1000 करोड़ रुपये कमाए। फिल्म को बनाने में कितना पैसा खर्च हुआ और उसके मुकाबले उसने कितनी कमाई की, यह भी सफलता का बड़ा पैमाना है। इसी **रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट यानी ROI** की चर्चा के बीच छोटे बजट की फिल्म **'हनुमान अंश'** ने सबको चौंका दिया है। करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी यह फिल्म अपनी लागत के मुकाबले 20 गुना से ज्यादा कारोबार कर चुकी है। 24 दिनों के आंकड़े पर इसे करीब **23 गुना रिटर्न** देने वाली फिल्म बताया गया था, जबकि 2 सितंबर तक आए नए आंकड़ों में इसकी कमाई और आगे निकल चुकी है।
नीम करोली बाबा की जिंदगी से प्रेरित 'हनुमान अंश' की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि इसकी शुरुआत बेहद धीमी रही थी। फिल्म 7 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई और पहले दिन महज करीब 10 लाख रुपये का कारोबार किया। लेकिन तीसरे और खासतौर पर चौथे सप्ताह में इसकी कमाई ने ऐसी रफ्तार पकड़ी कि बड़े बजट और बड़े सितारों वाली फिल्मों के बीच यह चर्चा का विषय बन गई।
2 करोड़ की फिल्म ने पार किया 50 करोड़ का आंकड़ा
'हनुमान अंश' का रिपोर्टेड बजट करीब **1.75 से 2 करोड़ रुपये** है। रिलीज के शुरुआती दिनों में फिल्म को बेहद सीमित दर्शक मिले और ऐसा लग रहा था कि यह जल्द सिनेमाघरों से उतर जाएगी।
पहले सप्ताह में फिल्म ने करीब 1.08 करोड़ रुपये नेट कमाए और दूसरे सप्ताह का कारोबार केवल लगभग 40 लाख रुपये रहा। लेकिन तीसरे सप्ताह से फिल्म को जबरदस्त वर्ड ऑफ माउथ मिलने लगा। तीसरे सप्ताह में इसकी कमाई करीब 10.40 करोड़ रुपये पहुंच गई।
इसके बाद चौथे सप्ताह में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। एक समय फिल्म का 24 दिनों का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन करीब **47.33 करोड़ रुपये** बताया गया। 2 करोड़ रुपये की लागत के आधार पर यह करीब 23 गुना कारोबार बैठता है।
ताजा रिपोर्टों में फिल्म का भारतीय ग्रॉस कलेक्शन ही **50 करोड़ रुपये से ऊपर** पहुंच चुका है। अलग-अलग बॉक्स ऑफिस ट्रैकर्स नेट, ग्रॉस और वर्ल्डवाइड आंकड़ों को अलग आधार पर रिपोर्ट करते हैं, इसलिए ROI की गणना में अंतर दिखाई दे रहा है।
चौथे हफ्ते में हुआ असली कमाल
फिल्म के बॉक्स ऑफिस सफर की सबसे दिलचस्प बात इसकी देर से आई तेजी है।
पहले दो हफ्तों तक 'हनुमान अंश' बहुत छोटे स्तर पर कारोबार कर रही थी। लेकिन तीसरे हफ्ते में दर्शकों की संख्या तेजी से बढ़ने लगी। 17वें दिन इसने करीब 2.20 करोड़ रुपये और 22वें दिन करीब 6.25 करोड़ रुपये नेट कमाए। 23वें दिन का कलेक्शन करीब **9.25 करोड़ रुपये** रहा।
इसके बाद फिल्म ने एक दिन में 12 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई भी दर्ज की। यानी जिस फिल्म की ओपनिंग लगभग 10 लाख रुपये थी, वही कुछ हफ्तों बाद एक दिन में अपनी पूरी लागत से कई गुना ज्यादा कारोबार करने लगी।
लेकिन क्या 'हनुमान अंश' अकेली ऐसी भारतीय फिल्म है जिसने छोटे बजट के मुकाबले कई गुना कमाई की? बिल्कुल नहीं। भारतीय सिनेमा में पहले भी ऐसी कई फिल्में आई हैं जिन्होंने लागत के मुकाबले शानदार रिटर्न दिया।
1. कांतारा
इस सूची में सबसे चर्चित नामों में **'कांतारा'** शामिल है। ऋषभ शेट्टी की इस कन्नड़ फिल्म को शुरुआत में मुख्य रूप से क्षेत्रीय दर्शकों के लिए बनाया गया था, लेकिन जबरदस्त वर्ड ऑफ माउथ के कारण यह पूरे देश में छा गई।
2022 में रिलीज हुई 'कांतारा' का रिपोर्टेड बजट करीब **16 करोड़ रुपये** था, जबकि फिल्म ने दुनियाभर में 400 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार किया। इस आधार पर इसका कुल कारोबार बजट के मुकाबले करीब **25 गुना** रहा।
फिल्म की कहानी, लोक संस्कृति, ऋषभ शेट्टी की एक्टिंग और क्लाइमैक्स की खूब चर्चा हुई। कन्नड़ में मिली सफलता के बाद इसे हिंदी समेत दूसरी भाषाओं में भी रिलीज किया गया।
'कांतारा' इस बात का बड़ा उदाहरण बनी कि क्षेत्रीय कहानी भी मजबूत कंटेंट के दम पर पैन इंडिया ब्लॉकबस्टर बन सकती है।
2. द कश्मीर फाइल्स
विवेक अग्निहोत्री के निर्देशन में बनी **'द कश्मीर फाइल्स'** भी लागत के मुकाबले असाधारण कारोबार करने वाली फिल्मों में शामिल है।
रिपोर्टों के मुताबिक फिल्म का बजट करीब **15 करोड़ रुपये** था और इसने लगभग **340 करोड़ रुपये** का वैश्विक कारोबार किया। इस हिसाब से इसका कारोबार लागत के करीब 22 गुना तक रहा।
2022 में रिलीज हुई यह फिल्म कश्मीरी पंडितों के पलायन और हिंसा की पृष्ठभूमि पर आधारित थी। फिल्म को लेकर राजनीतिक और सामाजिक बहस भी हुई, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर इसे बड़ी संख्या में दर्शक मिले।
सीमित बजट और अपेक्षाकृत कम शुरुआती प्रचार के बावजूद फिल्म का कारोबार तेजी से बढ़ा।
3. उरी द सर्जिकल स्ट्राइक
विक्की कौशल अभिनीत **'उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक'** भी भारतीय सिनेमा की सबसे सफल कम बजट वाली फिल्मों की चर्चा में शामिल होती है।
2019 में रिलीज हुई इस फिल्म का रिपोर्टेड बजट करीब **25 करोड़ रुपये** था। फिल्म ने दुनियाभर में **300 करोड़ रुपये से ज्यादा** का कारोबार किया। इस तरह इसका कारोबार लागत के करीब 13 गुना रहा।
फिल्म 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक से प्रेरित थी। रिलीज के बाद इसके संवाद और विक्की कौशल के अभिनय की काफी चर्चा हुई।
इस फिल्म की खासियत भी इसका मजबूत वर्ड ऑफ माउथ था। सामान्यतः फिल्मों की कमाई शुरुआती सप्ताह के बाद कम होती है, लेकिन 'उरी' लंबे समय तक सिनेमाघरों में दर्शक खींचती रही।
4. प्रेमलु
मलयालम सिनेमा ने पिछले कुछ वर्षों में कम बजट की कई बड़ी सफलताएं दी हैं। इन्हीं में **'प्रेमलु'** का नाम शामिल है।
2024 में रिलीज हुई इस रोमांटिक कॉमेडी ने अपने सीमित बजट के मुकाबले शानदार कारोबार किया। लागत के अनुपात में इसका कारोबार करीब **10 से 13 गुना** तक बताया गया।
फिल्म की सफलता का बड़ा कारण युवा दर्शकों के बीच इसकी लोकप्रियता और वर्ड ऑफ माउथ रहा।
मलयालम में मिली सफलता के बाद फिल्म दूसरी भाषाओं और क्षेत्रों में भी पहुंची। इसने एक बार फिर साबित किया कि बड़े स्टार और सैकड़ों करोड़ रुपये का बजट ही सफलता की गारंटी नहीं होते।
5. द केरल स्टोरी
'द केरल स्टोरी भी लागत के अनुपात में जबरदस्त कारोबार करने वाली फिल्मों में गिनी जाती है।
रिपोर्ट के मुताबिक फिल्म ने अपने बजट के मुकाबले **12 गुना से ज्यादा कारोबार** किया।
2023 में रिलीज हुई यह फिल्म अपने विषय को लेकर काफी विवादों में रही। इसके कथानक और दावों को लेकर व्यापक राजनीतिक तथा सामाजिक बहस हुई, लेकिन विवाद के बीच फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर बड़ी संख्या में दर्शक मिले।
कम बजट के मुकाबले इसकी कमाई ने इसे उस साल की सबसे लाभदायक फिल्मों में शामिल कर दिया।
'जय संतोषी मां' का रिकॉर्ड भी चर्चा में
जब लागत के मुकाबले सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाली भारतीय फिल्मों की बात होती है तो **1975 में रिलीज हुई 'जय संतोषी मां'** को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
रिपोर्टों के अनुसार फिल्म केवल करीब **25 लाख रुपये** में बनी थी और इसने उस दौर में लगभग **5.25 करोड़ रुपये** का कारोबार किया था। इसे भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा लाभदायक फिल्मों में लंबे समय तक गिना गया।
फिल्म की लोकप्रियता ऐसी थी कि सिनेमाघरों के बाहर धार्मिक माहौल तक दिखाई देने लगा था।
अब 'हनुमान अंश' की लागत और कमाई के अनुपात की तुलना भी इसी फिल्म से की जा रही है। कुछ ताजा रिपोर्टों ने दावा किया है कि 'हनुमान अंश' प्रतिशत के हिसाब से 'जय संतोषी मां' के लंबे समय से चले आ रहे रिकॉर्ड से आगे निकल चुकी है। हालांकि पुराने दौर की फिल्मों के बजट, डिस्ट्रीब्यूटर शेयर और बॉक्स ऑफिस डेटा की गणना आज के मानकों से अलग थी, इसलिए ऐसी ऐतिहासिक तुलना को अनुमान के रूप में देखना ज्यादा उचित है।
'हनुमान अंश' की सफलता क्यों है खास?
'हनुमान अंश' की सबसे बड़ी ताकत उसका बेहद कम बजट है।
आज जब बड़ी फिल्मों का बजट 200 से 500 करोड़ रुपये तक पहुंच रहा है, तब करीब 2 करोड़ रुपये की फिल्म का 50 करोड़ रुपये से ज्यादा का ग्रॉस कारोबार करना अपने आप में महत्वपूर्ण है।
फिल्म में कोई स्थापित सुपरस्टार नहीं है। इसका निर्देशन **विशाल चतुर्वेदी** ने किया है और इसमें चंदन आनंद तथा शोभिनव सत्य जैसे कलाकार प्रमुख भूमिकाओं में हैं। फिल्म नीम करोली बाबा से प्रेरित आध्यात्मिक कहानी प्रस्तुत करती है।
रिलीज के समय इसे बहुत कम स्क्रीन्स मिली थीं, लेकिन दर्शकों की मांग बढ़ने के साथ इसके शो और स्क्रीन्स तेजी से बढ़े। यही वजह है कि शुरुआती दो सप्ताह लगभग शांत रहने के बाद चौथे सप्ताह तक फिल्म बॉक्स ऑफिस की बड़ी खबर बन गई।
23 गुना से आगे निकल चुका है आंकड़ा
हेडलाइन में 'हनुमान अंश' के **23 गुना रिटर्न** का जिक्र इसके 24 दिनों के आसपास के आंकड़ों पर आधारित है। उस समय करीब 2 करोड़ के बजट के मुकाबले इसका वर्ल्डवाइड ग्रॉस लगभग 47.33 करोड़ रुपये बताया गया था।
लेकिन फिल्म की कमाई उसके बाद भी जारी रही। 2 सितंबर की ताजा रिपोर्ट में इसके भारतीय बॉक्स ऑफिस कारोबार को 50 करोड़ रुपये से ऊपर बताया गया है। एक अन्य ताजा रिपोर्ट ने भारतीय ग्रॉस आंकड़ा 56 करोड़ रुपये से अधिक बताते हुए लागत के मुकाबले करीब **28 गुना कारोबार** बताया है।
इसलिए फिल्म का अंतिम ROI अभी तय नहीं है। इसके लिए थिएट्रिकल रन पूरा होने और अंतिम बॉक्स ऑफिस आंकड़े आने का इंतजार करना होगा।
यहां यह भी समझना जरूरी है कि **बजट का 23 या 28 गुना बॉक्स ऑफिस कलेक्शन होने का मतलब निर्माताओं को उतनी ही रकम शुद्ध मुनाफे के रूप में मिलना नहीं है।** सिनेमाघर, डिस्ट्रीब्यूटर, टैक्स और दूसरे खर्चों के बाद निर्माता का वास्तविक हिस्सा अलग होता है। इसलिए '23 गुना पैसा' जैसी गणना मुख्यतः रिपोर्टेड बजट बनाम बॉक्स ऑफिस ग्रॉस की तुलना है।
फिर भी 'हनुमान अंश' ने यह साबित जरूर कर दिया है कि बॉक्स ऑफिस पर बड़ा धमाका करने के लिए हमेशा सैकड़ों करोड़ रुपये और सुपरस्टार जरूरी नहीं होते। 'कांतारा', 'द कश्मीर फाइल्स', 'उरी', 'प्रेमलु' और 'द केरल स्टोरी' जैसी फिल्मों की तरह इसकी सफलता भी **कम बजट और बड़े रिटर्न** वाले सिनेमा की ताकत को दिखाती है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि थिएट्रिकल रन खत्म होने तक 'हनुमान अंश' अपनी लागत के मुकाबले कमाई का आंकड़ा आखिर कहां तक पहुंचाती है।