रूपाली गांगुली स्टारर सीरियल अनुपमा में वनराज एक बार फिर से खुलकर अपना असली चेहरा दिखा रहा है। अभी तक वनराज सभी के सामने अच्छा बनने का नाटक कर रहा था। पिछले कुछ एपिसोड से यही दिखाया गया है कि वो मालविका के करीब आने की कोशिश कर रहा है। दरअसल मालविका को मोहरा बनाकर वो अनुज कपाड़िया की सारी प्रॉपर्टी हथिया लेना चाहता है। अनुपमा के पिछले एपिसोड में दिखाया गया था कि काव्या की वापसी के साथ ही वनराज की सिट्टी पिट्टी गुम हो जाती है।

रंग में भंग डालेंगे काव्या और वनराज
मकर संक्रांति के दिन शाह परिवार और अनुज का परिवार एक साथ पतंग उड़ाकर जश्न मना रहा है। वनराज मालविका के साथ पतंग उड़ाएगा लेकिन तभी वहां काव्या आ जाती है। काव्या को देखते ही वनराज के होश उड़ जाते हैं। काव्या कैंची से वनराज और मालविका के पतंग की डोर काट देती है। काव्या सभी के सामने वनराज को धमकाएगी कि वो जब-जब ऐसे ही पतंग उड़ाने की कोशिश करेगी तो वो हर बार ऐसे ही उसकी डोर को काट देगी। काव्या को फिर से देखकर वनराज का खून खौल जाएगा और वहां पर रखी हर चीज को फेंकने लगेगा।
काव्या से ये बात कहेगी अनुप
वनराज के रिएक्शन को देखकर काव्या और भी परेशान हो जाएगी और उसका पीछा करने लगेगी। जब वनराज उसे नहीं मिलेगा तो वो थक-हारकर घर पहुंचकर उसका इंतजार करेगी। तभी नंदिनी वहां आ जाएगी और उसे समझाने की बहुत कोशिश करेगी। नंदिनी काव्या को समझाएगी कि उसे वनराज के साथ ऐसा नहीं करना चाहिए। काव्या नंदिनी से पूछेगी कि जब समर ने उसके साथ 1 साल का रिश्ता खत्म करना चाहा था तो क्या उसे दर्द नहीं हुआ था? ये सुनते ही नंदिनी की बोलती बंद हो जाएगी। नंदिनी काव्या से सिर्फ इतना ही कहेगी कि उन दोनों को ही ब्रेक लेना चाहिए और यूएस जाकर शिफ्ट हो जाना चाहिए। तभी अनुपमा बीच में आकर दोनों को रोकेगी।
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