Mumbai मुंबई: बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर खान ने पेपर लीक की वजह से हो रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन पर अपनी बात रखी है। गुरुवार को एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम पर एक लंबा नोट लिखा, जिसमें उन्होंने छात्रों के अधिकारों पर बात की। उन्होंने कहा कि छात्रों की बात सुनी जानी चाहिए।
उन्होंने लिखा, "मैंने इस बारे में कुछ दिनों तक सोचा, लेकिन अब और चुप नहीं रह सकती। इतने सारे युवाओं की आवाज़ को नजरअंदाज करना नामुमकिन है... और ऐसा किया भी नहीं जाना चाहिए। हम सब जानते हैं कि एक बच्चे के लिए शिक्षा का क्या मतलब है। यह उन्हें आत्मविश्वास देती है। यह उन्हें उम्मीद देती है। यह परिवारों को भरोसा दिलाती है कि आने वाला कल आज से बेहतर हो सकता है। लेकिन शिक्षा तभी काम करती है जब बच्चे उस पर भरोसा करें। और जिस पल उन्हें शक होने लगता है कि ईमानदारी, कड़ी मेहनत और काबिलियत (मेरिट) की कोई अहमियत नहीं है, तो वे भरोसा करना छोड़ देते हैं।"
NEET पेपर लीक के साथ ही शिक्षा जगत में पेपर लीक का मुद्दा बहुत गंभीर हो गया है। एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक पेपर लीक के विरोध में और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे थे।
एक्ट्रेस ने आगे कहा, "किसी भी बच्चे को यह सोचने पर मजबूर नहीं होना चाहिए कि क्या उनकी मेहनत काफी होगी। वे एक ऐसे सिस्टम के हकदार हैं जिस पर वे भरोसा कर सकें, जहाँ काबिलियत की असल अहमियत हो, मेहनत का फल मिले और हर बच्चा बराबरी के मौके से शुरुआत करे। यह कोई बड़ी मांग नहीं है। यह तो कम से कम ज़रूरी बात है। जब पूरी पीढ़ी अपने भविष्य के बारे में एक आवाज़ में बात करती है, तो उनकी बात सुनना कोई एहसान नहीं है। यह हमारी ज़िम्मेदारी है। हमारे बच्चे हमें उतनी ही बारीकी से देख रहे हैं जितना हम उन्हें देखते हैं। हम अभी—बाद में नहीं, बल्कि अभी—क्या प्रतिक्रिया देते हैं, इससे उन्हें पता चलेगा कि निष्पक्षता और भरोसा असल में होते हैं या ये सिर्फ़ बड़ों के इस्तेमाल किए जाने वाले शब्द हैं। वे कल के लिए तैयारी नहीं कर रहे हैं। वे ही कल हैं।"
18 जुलाई की सुबह जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन स्थल से दिल्ली पुलिस द्वारा सोनम को ज़बरदस्ती हटाए जाने के बाद विरोध और तेज़ हो गया। सोनम 21 दिनों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर थे। अधिकारियों ने उनकी बिगड़ती सेहत, मेडिकल सलाह और दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। सोनम वांगचुक प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर थे।