Entertainment : नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी फिल्म ‘रामायण’ से कैकेयी और मंथरा के किरदारों की नई झलक सामने आई है। लारा दत्ता रानी कैकेयी की भूमिका में हैं, जबकि शीबा चड्ढा मंथरा का किरदार निभा रही हैं। जारी किए गए कैरेक्टर पोस्टरों के साथ इन दोनों पात्रों की कहानी में अहमियत को भी सामने रखा गया है। रामायण की कथा में कैकेयी की दो मांगें और मंथरा की सलाह अयोध्या के राजपरिवार का भविष्य बदल देती हैं। अब फिल्म के प्रचार में इन महत्वपूर्ण पात्रों को अलग पहचान दी गई है।
नई झलक में दोनों अभिनेत्रियों के किरदारों का गंभीर पक्ष केंद्र में है। इनके चेहरे के भाव कहानी के उस तनाव की ओर ध्यान खींचते हैं, जिसमें राजपरिवार के संबंध, उत्तराधिकार और व्यक्तिगत इच्छाएं आपस में उलझ जाती हैं। हालांकि, पोस्टर किसी किरदार के पूरे अभिनय या फिल्म में उसके चित्रण का आकलन करने के लिए पर्याप्त नहीं होते। अभी सामने आई सामग्री लारा दत्ता और शीबा चड्ढा के पात्रों का परिचय देती है। उनके संवाद और भावनात्मक बदलाव किस तरह पर्दे पर प्रस्तुत किए गए हैं, यह फिल्म में स्पष्ट होगा।
कैकेयी के परिचय में निर्माताओं ने एक रानी और एक मां की उन दो इच्छाओं का उल्लेख किया है, जो दशरथ के प्रेम और राम की नियति को प्रभावित करती हैं। मंथरा का परिचय ऐसी सलाह देने वाली पात्र के रूप में रखा गया है, जिसकी बातें राजपरिवार में बड़ा संकट पैदा करती हैं। इस तरह पोस्टरों के साथ दिए गए विवरण केवल कलाकारों के नाम बताने तक सीमित नहीं हैं। वे राम के वनवास से जुड़े घटनाक्रम में दोनों किरदारों की भूमिका की ओर भी संकेत करते हैं।
रामायण की कथा में कैकेयी अयोध्या के राजा दशरथ की पत्नी और भरत की मां हैं। मंथरा उनकी दासी तथा करीबी सलाहकार है। राम के राज्याभिषेक की तैयारियों के बीच मंथरा कैकेयी को भरत के भविष्य को लेकर उकसाती है। इसके बाद कैकेयी दशरथ से अपने लिए पहले दिए गए दो वरदानों को पूरा करने की मांग करती हैं। वह भरत के लिए राजगद्दी और राम के लिए चौदह वर्ष का वनवास मांगती हैं। यही प्रसंग कथा को अयोध्या के महल से वनवास की यात्रा की ओर ले जाता है।
इन पात्रों की अहमियत इसलिए भी है कि राम का वनवास केवल राजसत्ता से जुड़ा निर्णय नहीं रहता। इसके प्रभाव परिवार के प्रत्येक सदस्य तक पहुंचते हैं। दशरथ के वचन, राम का कर्तव्य और भरत के प्रति कैकेयी की इच्छा इस घटनाक्रम से जुड़े हैं। फिल्म में लारा दत्ता और शीबा चड्ढा इन्हीं परिचित पात्रों को निभा रही हैं। उनके किरदार कहानी में संघर्ष का महत्वपूर्ण आधार हैं। नई प्रचार सामग्री ने मुख्य पात्रों के साथ अयोध्या के राजपरिवार से जुड़े इस हिस्से को भी सामने रखा है।
शीबा चड्ढा मंथरा की भूमिका को लेकर पहले भी अपने नजरिए पर बात कर चुकी हैं। अभिनेत्री ने बताया था कि उन्होंने इस पात्र के लिए कोई अलग पृष्ठभूमि गढ़ने या उसे नए ढंग से समझाने की कोशिश नहीं की। उनके मुताबिक, रामायण की कहानी और मंथरा का किरदार लोगों के लिए परिचित हैं। उन्होंने पात्र को कथा में मौजूद उसके स्वरूप के आधार पर निभाने की बात कही थी। शीबा ने इस बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने पर खुशी भी जताई थी।
अभिनेत्री के इस बयान से उनकी भूमिका निभाने की प्रक्रिया का परिचय मिलता है। उन्होंने मंथरा को लेकर व्यापक अतिरिक्त तैयारी करने के बजाय परिचित कथा के पात्र पर भरोसा किया। अब जारी पोस्टर उसी भूमिका का नया परिचय देता है। हालांकि, उनकी तैयारी संबंधी बात को किरदार की स्क्रीन पर प्रस्तुति का अंतिम मूल्यांकन नहीं समझा जा सकता। फिल्म में मंथरा की बातचीत, कैकेयी पर उसका प्रभाव और दोनों के बीच संबंध किस तरह दिखाए गए हैं, यह पूरी प्रस्तुति देखने के बाद ही समझ में आएगा।
फिल्म की मुख्य भूमिकाओं में रणबीर कपूर राम, साई पल्लवी सीता और यश रावण के रूप में हैं। रवि दुबे लक्ष्मण तथा सनी देओल हनुमान का किरदार निभा रहे हैं। अरुण गोविल राजा दशरथ की भूमिका में नजर आएंगे। अयोध्या के राजपरिवार में इंदिरा कृष्णन कौशल्या और सोनल झा सुमित्रा बनी हैं। इस कलाकार समूह में कैकेयी और मंथरा की भूमिकाएं लारा दत्ता तथा शीबा चड्ढा को दी गई हैं। फिल्म का निर्माण नमित मल्होत्रा और यश से जुड़ी टीम कर रही है।
कैकेयी और मंथरा से पहले फिल्म के दूसरे पात्रों की प्रचार सामग्री भी जारी हो चुकी है। हालिया पोस्टरों में राम, सीता और लक्ष्मण के वनवास वाले रूप दिखाए गए थे। यश के रावण के लिए अलग पोस्टर सामने आया था। अरुण गोविल का दशरथ के रूप में परिचय भी जारी किया गया। अब कैकेयी और मंथरा के पोस्टरों से कहानी के उस निर्णायक प्रसंग को स्थान मिला है, जो राम के वनवास की शुरुआत से जुड़ा है।
‘रामायण’ को दो भागों में प्रस्तुत करने की योजना है। पहला भाग दिवाली 2026 और दूसरा भाग 2027 में रिलीज करने की तैयारी है। फिलहाल नई झलक का केंद्र लारा दत्ता और शीबा चड्ढा के किरदार हैं। दोनों ऐसी भूमिकाएं निभा रही हैं, जिनके निर्णय और संवाद कथा की दिशा बदलते हैं। पोस्टरों ने उनका परिचय सामने रख दिया है; अब फिल्म में इन पात्रों के भावनात्मक और नाटकीय पक्ष की पूरी प्रस्तुति देखने को मिलेगी।