मुंबई। सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के छह साल बाद मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI ने दिशा की मौत के मामले में FIR दर्ज कर जांच अपने हाथ में ले ली है। ताजा मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक FIR में शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे से लेकर बॉलीवुड से जुड़े कई चर्चित नाम और पूर्व पुलिस अधिकारी शामिल हैं।
रिपोर्टों में FIR में आदित्य ठाकरे, अभिनेता डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, रिया चक्रवर्ती और शोविक चक्रवर्ती के नाम बताए गए हैं। इसके अलावा मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह और पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाझे का नाम भी सामने आया है। दिशा के पिता की शिकायत और उनके वकील की ओर से गैंगरेप, हत्या और मामले को कथित तौर पर दबाने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
हालांकि इन आरोपों को अभी साबित तथ्य नहीं माना जा सकता। CBI जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि किस व्यक्ति की क्या भूमिका थी और आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं या नहीं।
FIR में किन-किन प्रमुख लोगों के नाम?
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक इस मामले में सबसे चर्चित नाम आदित्य ठाकरे का है। इसके अलावा अभिनेता डिनो मोरिया और सूरज पंचोली के नाम भी बताए गए हैं।
अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती और उनके भाई शोविक चक्रवर्ती का नाम भी रिपोर्टों में FIR से जोड़कर सामने आया है। पुलिस अधिकारियों में पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह और पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाझे के नाम का उल्लेख किया गया है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक शिकायत में कुछ अन्य पुलिसकर्मियों, डॉक्टरों और अस्पताल से जुड़े लोगों की कथित भूमिका की जांच की मांग भी की गई है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि किसी शिकायत या FIR में किसी व्यक्ति का नाम दर्ज होना और अदालत में उसके खिलाफ अपराध साबित होना पूरी तरह अलग कानूनी स्थितियां हैं।
पिता ने CBI को दिया बयान
दिशा के पिता सतीश सालियान ने हाल ही में CBI के सामने अपना बयान दर्ज कराया था। उन्होंने जांच एजेंसी को उन लोगों के नाम और जानकारी देने की बात कही थी, जिनके बारे में उनका मानना है कि उनकी बेटी की मौत की निष्पक्ष जांच के लिए पूछताछ या पड़ताल जरूरी है।
सतीश सालियान के वकील निलेश ओझा ने मीडिया के सामने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि दिशा की मौत सामान्य दुर्घटना या आत्महत्या का मामला नहीं थी बल्कि इसके पीछे गंभीर अपराध हुआ था।
वकील ने गैंगरेप, हत्या और बाद में मामले को दबाने की कथित साजिश जैसे आरोप लगाए हैं। इन दावों की सत्यता अब CBI जांच का विषय है।
गैंगरेप और हत्या का आरोप
दिशा के पिता की ओर से उठाए गए सवालों और उनके वकील के बयानों के कारण गैंगरेप और हत्या के आरोप इस मामले के केंद्र में आ गए हैं।
हालांकि यह स्पष्ट करना बेहद जरूरी है कि अभी CBI ने जांच पूरी करके यह निष्कर्ष नहीं दिया है कि दिशा के साथ गैंगरेप हुआ था या उनकी हत्या की गई थी।
जांच एजेंसी को मेडिकल और फॉरेंसिक रिकॉर्ड, पुराने पुलिस दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य, गवाहों के बयान और घटनास्थल से संबंधित सामग्री की पड़ताल करनी होगी।
इसके बाद ही यह तय हो सकेगा कि शिकायत में लगाए गए आरोपों का समर्थन करने वाले साक्ष्य मौजूद हैं या नहीं।
सबूतों से छेड़छाड़ और कवर-अप का भी आरोप
इस मामले में एक और गंभीर पहलू कथित तौर पर साक्ष्यों को दबाने या उनके साथ छेड़छाड़ करने के आरोपों से जुड़ा है।
दिशा के परिवार की ओर से पहले हुई जांच पर सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों और साक्ष्यों की सही तरीके से जांच नहीं की गई।
परिवार के वकील ने पुलिस और सरकारी मशीनरी के कथित दुरुपयोग तथा मामले को दबाने की कोशिश जैसे आरोप भी लगाए हैं।
अब CBI को यह जांचना होगा कि शुरुआती जांच में किसी तरह की जानबूझकर लापरवाही हुई थी या नहीं। साथ ही यह भी देखा जा सकता है कि कोई रिकॉर्ड बदला, नष्ट या छिपाया गया था या नहीं।
8 जून 2020 को हुई थी दिशा की मौत
दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मलाड इलाके में एक बहुमंजिला इमारत से गिरने के बाद हुई थी। दिशा बॉलीवुड और मनोरंजन जगत में सेलिब्रिटी मैनेजर के तौर पर काम कर चुकी थीं।
उनका नाम अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत से भी जुड़ा था क्योंकि वह कुछ समय के लिए उनके मैनेजमेंट से संबंधित काम कर चुकी थीं।
दिशा की मौत के महज कुछ दिनों बाद 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत अपने मुंबई स्थित घर में मृत पाए गए थे। दोनों घटनाओं के कम समय के अंतर के कारण उस समय सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में कई तरह के दावे सामने आए थे।
हालांकि दोनों मामलों के बीच संबंध होने के दावे को भी जांच में साक्ष्यों के आधार पर ही स्थापित किया जा सकता है।
पहले दर्ज हुई थी ADR
दिशा की मौत के बाद मुंबई पुलिस ने मामले में एक्सीडेंटल डेथ रिपोर्ट यानी ADR दर्ज की थी। बाद में परिवार ने जांच को लेकर गंभीर सवाल उठाए।
परिवार का कहना रहा कि मौत की परिस्थितियों की और गहराई से जांच की जानी चाहिए थी। लंबे समय तक मामला विवाद और राजनीतिक बयानबाजी का विषय बना रहा।
इसके बाद दिशा के पिता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और स्वतंत्र जांच की मांग की।
बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI की एंट्री
सितंबर 2026 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने दिशा सालियान की मौत की CBI जांच का आदेश दिया। इसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने औपचारिक रूप से FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।
अदालत ने इसके साथ एक बेहद महत्वपूर्ण कानूनी बात भी स्पष्ट की थी। कोर्ट का कहना था कि जांच के दौरान केवल किसी व्यक्ति का नाम सामने आने के आधार पर उसे आरोपी नहीं माना जाना चाहिए।
यानी CBI को पहले साक्ष्यों की जांच करनी होगी। पर्याप्त सामग्री मिलने के बाद ही किसी व्यक्ति के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
आदित्य ठाकरे का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में
मामले में आदित्य ठाकरे का नाम आने के कारण महाराष्ट्र की राजनीति भी गरमा सकती है। दिशा के पिता और उनके वकील पहले भी आदित्य ठाकरे को लेकर आरोप लगा चुके हैं।
दूसरी तरफ आदित्य ठाकरे अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को पहले खारिज कर चुके हैं।
अब CBI जांच के दौरान एजेंसी यह तय करेगी कि शिकायत में लगाए गए आरोपों से संबंधित कोई साक्ष्य मौजूद है या नहीं।
यही बात रिया चक्रवर्ती, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली और अन्य नामों पर भी लागू होती है।
पुराने पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल?
पूर्व मुंबई पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह और पूर्व पुलिस अधिकारी सचिन वाझे का नाम सामने आने से जांच का दायरा केवल बॉलीवुड और राजनीति तक सीमित नहीं रह सकता।
अगर शिकायत में शुरुआती जांच को प्रभावित करने या साक्ष्यों को दबाने के आरोप लगाए गए हैं तो CBI को उस समय की पुलिस जांच और संबंधित दस्तावेजों की भी पड़ताल करनी पड़ सकती है।
इसमें यह देखा जा सकता है कि घटनास्थल से कौन से साक्ष्य जुटाए गए थे, मेडिकल और पोस्टमार्टम रिकॉर्ड में क्या दर्ज था और किन लोगों के बयान लिए गए थे।
अब CBI के सामने बड़ी चुनौती
छह साल पुराने मामले की जांच करना आसान नहीं होगा। एजेंसी को पुराने डिजिटल रिकॉर्ड, मेडिकल दस्तावेज, पुलिस फाइलें और गवाहों के बयान दोबारा खंगालने पड़ सकते हैं।
जांच का सबसे महत्वपूर्ण उद्देश्य यह निर्धारित करना होगा कि दिशा सालियान की मौत वास्तव में किन परिस्थितियों में हुई।
इसके साथ गैंगरेप, हत्या, आपराधिक साजिश और कथित कवर-अप से जुड़े आरोपों की भी साक्ष्यों के आधार पर जांच होगी।
फिलहाल इस मामले में कई बड़े नाम सामने आने के कारण राजनीतिक और फिल्मी दुनिया में हलचल है, लेकिन **किसी भी नामित व्यक्ति को दोषी कहना अभी उचित नहीं होगा।** CBI की जांच, संभावित चार्जशीट और उसके बाद न्यायिक प्रक्रिया ही तय करेगी कि शिकायत में लगाए गए गंभीर आरोपों में कितना दम है।
14 सितंबर की ताजा रिपोर्टों में आदित्य ठाकरे, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, रिया और शोविक चक्रवर्ती, परमबीर सिंह तथा सचिन वाझे के नाम बताए गए हैं। ([@theweek][2]) गैंगरेप और हत्या के आरोप मुख्यतः दिशा के पिता के वकील की ओर से लगाए गए हैं और अभी जांच में सिद्ध नहीं हुए हैं।
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