आर माधवन की फिल्म रॉकेट्री- द नम्बि इफेक्ट इस साल की सबसे सराही गयी फिल्मों में शामिल है। इसरो के साइंटिस्ट नम्बि नारायणन की इस कहानी ने हिंदी बेल्ट में भले ही ज्यादा बिजनेस ना किया हो, मगर बाकी भाषाओं में फिल्म ने ठीक-ठाक कलेक्शन किया था।


माधवन की इस फिल्म को लेकर सोशल मीडिया में भी उनकी इस बात के लिए सराहना की गयी कि वो ऐसे विषय को लेकर आये, जो अब तक छिपा रहा था। मगर, इस बीच कुछ ऐसी फर्जी खबरें भी आने लगीं कि माधवन ने इस फिल्म को बनाने के लिए अपना घर तक बेच दिया। माधवन ने ऐसी खबरों का खंडन किया है।

दरअसल, विग्नेश हेमंत नाम के एक यूजर ने एक स्ट्रीन शॉट शेयर किया था, जिसमें दावा किया गया था कि राकेट्री बनाने के लिए फंड जुटाने की खातिर माधवन ने अपना घर बेच दिया था और तब ओरिजिनल डायरेक्टर ने फिल्म छोड़ दी तो माधवन ने खुद इसे निर्देशित करने का बीड़ा उठाया था।

जब यह पोस्ट माधवन के संज्ञान में आयी तो उन्होंने देर किये बिना इसे ट्वीट करते हुए इसका जवाब भी लिखा- ओह यार। प्लीज, मेरे बलिदान को इस तरह बढ़ा-चढ़ाकर मत पेश करो। मैंने अपना घर या कुछ और नहीं खोया। असल में, राकेट्री से जो भी जुड़े हैं, वो इस साल भारी इनकम टैक्स दे रहे होंगे। ऊपर वाले की दुआएं हैं। मैं अभी भी अपने घर में रहता हूं और इसे प्यार करता हूं।


राकेट्री- द नम्बि इफेक्ट 26 जुलाई को तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में प्राइम वीडियो पर भी स्ट्रीम हो चुकी है। वहीं, वूट पर हिंदी में देखी जा सकती है। इसरो के रॉकेट साइंटिस्ट नम्बि नारायणन की कहानी है, जिन्हें जासूसी के आरोप में जेल भेज दिया गया था, मगर बाद में उन पर लगाये गये सारे इल्जाम झूठे पाये गये। माधवन ने इस फिल्म से डायरेक्टोरियल डेब्यू किया है। आर माधवन ने अपने इस ट्वीट को एकाउंट पर पिन कर दिया है, जिससे इसको लेकर फेक न्यूज को बढ़ावा ना मिले। माधवन अब धोखा में नजर आएंगे।

Tags: