एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता सनी देओल ने अपने करियर से जुड़ा एक ऐसा किस्सा साझा किया है, जिसने उनकी जिंदगी और फिल्मी सफर को नई दिशा दी थी। सनी देओल ने बताया कि जब फिल्म इंडस्ट्री में कई लोग उनकी फिल्म को समर्थन देने के लिए तैयार नहीं थे, तब उनके पिता और सुपरस्टार अभिनेता धर्मेंद्र के एक फैसले ने उनकी किस्मत बदल दी थी। धर्मेंद्र के उस भरोसे की वजह से सनी देओल के करियर की सबसे यादगार फिल्मों में से एक ‘घायल’ बन सकी और उन्होंने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई।
सनी देओल इन दिनों अपनी आगामी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ के प्रमोशन में व्यस्त हैं। इसी दौरान उन्होंने जयपुर में अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि इस शहर से उनकी जिंदगी की कई खास यादें जुड़ी हुई हैं। सनी ने बताया कि साल 1988 में जब उनके पिता धर्मेंद्र फिल्म ‘बंटवारा’ की शूटिंग के लिए जयपुर आए थे, तब यहीं पर एक ऐसा फैसला लिया गया था जिसने उनके करियर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया।
सनी देओल ने बताया कि जयपुर के रामबाग पैलेस में ठहरने के दौरान फिल्म निर्देशक राजकुमार संतोषी ने धर्मेंद्र को ‘घायल’ की कहानी सुनाई थी। कहानी सुनने के बाद धर्मेंद्र ने बिना देर किए इस फिल्म को प्रोड्यूस करने का फैसला कर लिया था। सनी के मुताबिक, उस समय कई प्रोड्यूसर्स इस फिल्म की कहानी को स्वीकार नहीं कर रहे थे, लेकिन उनके पिता ने कहानी पर भरोसा जताया और आगे बढ़ने का फैसला किया।
सनी देओल ने कहा कि उनके लिए सबसे खास बात यह थी कि धर्मेंद्र को इस बात पर गर्व था कि उन्होंने एक बेहतरीन कहानी को पहचाना और उसका साथ दिया। पिता के इसी विश्वास ने सनी को आत्मविश्वास दिया और फिल्म ‘घायल’ बनने का रास्ता साफ हुआ। साल 1990 में रिलीज हुई ‘घायल’ ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार सफलता हासिल की और सनी देओल को बॉलीवुड के बड़े एक्शन सितारों की सूची में शामिल कर दिया।
राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बनी ‘घायल’ सनी देओल के करियर की सबसे महत्वपूर्ण फिल्मों में गिनी जाती है। फिल्म में उनके दमदार अभिनय और एक्शन अंदाज को दर्शकों ने खूब पसंद किया था। इस फिल्म ने न केवल उन्हें स्टार बनाया बल्कि आगे चलकर उनके लिए कई बड़ी फिल्मों के दरवाजे भी खोले। यही वह दौर था जब सनी देओल ने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनानी शुरू की और बाद में ‘गदर’ जैसी फिल्मों के जरिए वह दर्शकों के बीच ‘तारा सिंह’ के नाम से मशहूर हो गए।
सनी देओल ने जयपुर से जुड़ी अपनी यादों को साझा करते हुए कहा कि उनके पिता की फिल्म ‘बंटवारा’ साल 1989 में आई थी और अब वह उसी शहर में अपनी फिल्म ‘बंटवारा 1947’ का प्रमोशन कर रहे हैं। उन्होंने इसे जिंदगी का एक खूबसूरत संयोग बताया। सनी ने कहा कि एक ही शहर से जुड़ी पुरानी और नई यादें उनके लिए बेहद खास हैं।
‘बंटवारा 1947’ सनी देओल के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि इस फिल्म में वह पहली बार अपने बेटे करण देओल के साथ स्क्रीन साझा करते नजर आएंगे। फिल्म में सनी और करण के अलावा प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, अली फजल, अभिमन्यु सिंह, खुशी हजारे और कनिका कपूर जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।
इस फिल्म के जरिए प्रीति जिंटा भी लंबे समय बाद बड़े पर्दे पर वापसी कर रही हैं। फिल्म को लेकर दर्शकों में काफी उत्साह है। सनी देओल का कहना है कि उन्हें हमेशा अपने पिता धर्मेंद्र के उस फैसले पर गर्व रहेगा, जिसने न सिर्फ उनके करियर को नई दिशा दी बल्कि बॉलीवुड को एक ऐसा कलाकार दिया, जिसे आज भी लोग अपने दमदार अभिनय और एक्शन के लिए याद करते हैं।