Dhurandhar’ की रिलीज पर फैसला टला -दिल्ली हाई कोर्ट ने CBFC से मांगा दोबारा विचार
Entertainment,मनोरंजन : बॉलीवुड अभिनेता Ranveer Singh की आने वाली फिल्म ‘Dhurandhar’ विवादों में फँस चुकी है। दिवंगत शहीद Major Mohit Sharma के माता‑पिता ने कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है, यह दावा करते हुए कि फिल्म उनकी अनुमति के बिना उनके बेटे की ज़िंदगी और विशिष्ट सैन्य अभियानों से प्रेरित लगती है।
क्या है विवाद — पिता ने क्या कहा
याचिका में कहा गया है कि ‘Dhurandhar’ का ट्रेलर और प्रचार सामग्री देखी जाए तो लीक से ही यह महसूस हो रहा है कि फिल्म मेजर शर्मा के नाम, उनकी जिंदगी और शहादत से प्रभावित है।
परिवार ने कोर्ट से आग्रह किया है कि बिना उनकी सहमति या सेना (Indian Army) की मंज़ूरी के फिल्म की रिलीज़ पर रोक लगाई जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे संवेदनशील विषयों को बिना अनुमति‑स्वीकृति फिल्माया जाना निजता, गरिमा व संवेदनशील सैन्य जानकारी के दृष्टिकोण से अनुचित है।
याचिका में यह भी कहा गया कि मेजर शर्मा की कुछ मिशन सचिव तौर पर थे — ऐसे अभियानों को संवेदनशील जानकारी के तहत रखा जाता है, और उन पर बिना सैन्य स्वीकृति के फिल्म बनाना राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हो सकता है।
कोर्ट फैसला — फिलहाल रिलीज पर रोक नहीं, लेकिन…
सोमवार (1 दिसंबर 2025) को सुनवाई के बाद, दिल्ली हाई कोर्ट ने तत्काल रिलीज़ रोकने से इनकार कर दिया।
हालांकि, कोर्ट ने CBFC को निर्देश दिए हैं कि वह मेजर शर्मा के माता‑पिता की आपत्तियों पर गंभीरता से विचार करें। आवश्यकता पड़ने पर, CBFC को फिल्म को सेना के विशेषज्ञ पैनल के पास भेजने का कहा गया
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हालांकि याचिका खारिज कर दी गई है, लेकिन सील‑सर्टिफिकेशन जारी करने से पहले पूरा विवरण जांचा जाना चाहिए।
निर्माताओं की दलील
फिल्म निर्माताओं और उनका पक्ष रखने वाले वकील का कहना है कि ‘Dhurandhar’ एक फिक्शन‑थ्रिलर है, न कि किसी की बायोपिक। उनका कहना है कि फिल्म का कथानक, पात्र और पृष्ठभूमि पूरी तरह काल्पनिक हैं, न कि मेजर शर्मा के जीवन से सीधे प्रभावित।
CBFC के प्रतिनिधि ने कोर्ट को बताया कि अभी तक सर्टिफिकेशन की प्रक्रिया जारी है, और इसे जल्द पूरा किया जाएगा।
अब क्या होगा — क्या रिलीज होगी या नहीं?
फिलहाल, ‘Dhurandhar’ पर कहीं “रोक” नहीं लगी है — लेकिन फिल्म की रिलीज़ का फैसला पूरी तरह CBFC के हाथ में है। अगर बोर्ड माता‑पिता की शिकायतों और सुरक्षा‑संदर्भों को पर्याप्त समझे तो फिल्म को सर्टिफाई करने से पहले अतिरिक्त शर्तें या संशोधन किए जा सकते हैं।
दूसरी ओर, अगर filmmakers और CBFC यह तय करते हैं कि फिल्म काल्पनिक है और वास्तविक व्यक्तियों या मिशनों से मिलती‑जुलती नहीं — तो फिल्म नियत तारीख 5 दिसंबर 2025 पर रिलीज हो सकती है।
हालाँकि कोर्ट ने ‘Dhurandhar’ की रिलीज़ पर तत्काल रोक नहीं लगाई, पर इसने CBFC को स्पष्ट निर्देश दिए हैं — कि मेजर मोहित शर्मा के माता‑पिता की आपत्तियों को गंभीरता से देखें और जरूरत पड़े तो सेना की राय लें। इस फैसले ने फिल्म की नियत रिलीज़ को फिलहाल पीछे धकेल दिया है।
क्या आप चाहेंगे, तो मैं इस मामले के कानूनी पहलुओं और संवेदनशीलता पर भी एक विस्तृत रिपोर्ट बना सकता हूँ — जिससे आपके पाठकों को समझने में आसानी हो।
संबंधित खबरें