नई दिल्ली। भारतीय टेलीविजन जगत से दुखद खबर सामने आई है। लोकप्रिय क्राइम शो CID और हॉरर सीरीज आहट के निर्माता-निर्देशक बृजेंद्र पाल सिंह (बीपी सिंह) का निधन हो गया है। उन्होंने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 की सुबह मुंबई में अंतिम सांस ली। वह 77 वर्ष के थे। फिल्म निर्माता अशोक पंडित के अनुसार, बीपी सिंह को गंभीर दिल का दौरा पड़ा था। उन्हें मुंबई के सांताक्रूज स्थित अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनका निधन हो चुका था। उनके निधन से टेलीविजन और मनोरंजन जगत में शोक है।
अशोक पंडित ने की निधन की पुष्टि, 28 अक्टूबर को अंतिम संस्कार
फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने बीपी सिंह के निधन की पुष्टि करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी है। अशोक पंडित ने बताया कि मंगलवार सुबह बीपी सिंह को गंभीर हार्ट अटैक आया था। वह उन्हें अस्पताल लेकर गए, लेकिन वहां पहुंचने से पहले ही उनका निधन हो चुका था।
पंडित ने बीपी सिंह को अपना करीबी मित्र बताते हुए भारतीय टेलीविजन के लिए उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि अपराध और रहस्य पर आधारित टेलीविजन कार्यक्रम बनाने में बीपी सिंह की विशेष पहचान थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीपी सिंह का अंतिम संस्कार बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।
CID के 'दया' समेत कलाकारों ने जताया दुख
बीपी सिंह के निधन से लोकप्रिय शो सीआईडी से जुड़े कलाकारों और उनके प्रशंसकों को बड़ा झटका लगा है। शो में इंस्पेक्टर दया का किरदार निभाने वाले अभिनेता दयानंद शेट्टी ने भी उनके निधन पर दुख जताया है।बातचीत में दयानंद शेट्टी ने इस खबर को सीआईडी की टीम के लिए बड़ा सदमा बताया।
बीपी सिंह की पहचान केवल एक निर्माता या निर्देशक की नहीं, बल्कि लंबे समय तक साथ काम करने वाले कलाकारों को पहचान दिलाने वाले रचनाकार की भी थी। उनके निधन के बाद टेलीविजन जगत के कलाकार और प्रशंसक उनके योगदान को याद कर रहे हैं।
CID ने बीपी सिंह को दिलाई घर-घर पहचान
बीपी सिंह ने भारतीय टेलीविजन पर अपराध और जांच पर आधारित धारावाहिकों को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका सबसे चर्चित धारावाहिक सीआईडी वर्ष 1998 में शुरू हुआ था। इसकी कहानियां पुलिस जांच, रहस्यमय घटनाओं और अपराधियों तक पहुंचने की प्रक्रिया के इर्द-गिर्द घूमती थीं।
शो में एसीपी प्रद्युमन, इंस्पेक्टर दया और इंस्पेक्टर अभिजीत जैसे किरदार दर्शकों के बीच लोकप्रिय हुए। सीआईडी ने लंबे समय तक दर्शकों का मनोरंजन किया और भारतीय टेलीविजन के चर्चित क्राइम शो में अपनी जगह बनाई।
CID में खुद भी निभाया था DCP चित्रोले का किरदार
बीपी सिंह कैमरे के पीछे ही नहीं, बल्कि कैमरे के सामने भी नजर आए थे। उन्होंने सीआईडी में डीसीपी शमशेर सिंह चित्रोले का किरदार निभाया था। उनका यह किरदार शो में हास्य और वरिष्ठ अधिकारी की भूमिका के अनोखे संयोजन के लिए जाना जाता था।
निर्माता और निर्देशक के साथ अभिनय में उनकी मौजूदगी ने उन्हें दर्शकों के बीच अलग पहचान दिलाई।
'आहट' से लेकर कई लोकप्रिय टीवी कार्यक्रमों से जुड़े रहे
सीआईडी के अलावा बीपी सिंह ने टेलीविजन के हॉरर और सस्पेंस कार्यक्रमों में भी काम किया। उनकी लोकप्रिय हॉरर सीरीज 'आहट' ने रहस्यमय और डरावनी कहानियों को टीवी दर्शकों तक पहुंचाया। वह 'रात होने को है', 'गुटर गू', 'दिव्य दृष्टि', 'अदालत' और 'सुपरकॉप्स वर्सेज सुपर विलेन' जैसे टेलीविजन प्रोजेक्ट्स से भी जुड़े रहे।
इसके अलावा फिल्म 'एजेंट विनोद' में उन्होंने रॉ चीफ का किरदार निभाया था, जबकि वेब सीरीज 'अभय' के निर्माण से भी उनका जुड़ाव रहा। इन कार्यक्रमों ने अलग-अलग शैलियों में उनकी रचनात्मक भूमिका को स्थापित किया।
FTII के चेयरमैन भी रह चुके थे बीपी सिंह
बीपी सिंह का संबंध पुणे स्थित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से भी रहा था। उन्होंने इसी संस्थान से फिल्म निर्माण का प्रशिक्षण प्राप्त किया था और बाद में इसके अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी भी संभाली।
इस तरह उनका योगदान केवल मनोरंजन कार्यक्रम बनाने तक सीमित नहीं था, बल्कि फिल्म और टेलीविजन शिक्षा से भी जुड़ा रहा।
भारतीय टेलीविजन में याद किया जाएगा योगदान
बीपी सिंह ने ऐसे दौर में अपराध, सस्पेंस और हॉरर से जुड़े कार्यक्रम बनाए, जब टेलीविजन पारिवारिक मनोरंजन का प्रमुख माध्यम था। सीआईडी और आहट जैसे धारावाहिकों ने उन्हें दर्शकों के बीच स्थायी पहचान दिलाई।
उनके निधन के साथ भारतीय टेलीविजन ने एक ऐसे निर्माता-निर्देशक को खो दिया, जिनके बनाए कार्यक्रम वर्षों बाद भी दर्शकों की यादों में मौजूद हैं।
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