मुंबई। भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री से दुखद खबर सामने आई है। छोटे पर्दे के लोकप्रिय क्राइम शो 'CID' और हॉरर सीरियल 'आहट' के निर्माता एवं निर्देशक बीपी सिंह का मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को निधन हो गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें दिल का दौरा पड़ा था। फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया है। बीपी सिंह को मुंबई के सांताक्रूज स्थित अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनके निधन से मनोरंजन जगत में शोक की लहर है।
मंगलवार सुबह हुआ बीपी सिंह का निधन
बीपी सिंह का पूरा नाम बृजेंद्र पाल सिंह था। वह भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री में कई दशकों तक सक्रिय रहे और अपराध, रहस्य तथा रोमांच पर आधारित धारावाहिकों के लिए विशेष पहचान बनाई।रिपोर्टों के मुताबिक, मंगलवार सुबह उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके।बीपी सिंह पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर सामने आते ही टेलीविजन और फिल्म जगत की कई हस्तियों ने शोक व्यक्त किया।
अशोक पंडित ने दी भावुक श्रद्धांजलि
फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने बीपी सिंह के निधन पर दुख जताते हुए भारतीय टेलीविजन में उनके योगदान को याद किया।उन्होंने बीपी सिंह को एक प्रतिभाशाली निर्माता और निर्देशक बताया, जिन्होंने अपने कार्यक्रमों के माध्यम से दर्शकों के बीच अलग पहचान बनाई।अशोक पंडित ने 'CID' और 'आहट' जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों का उल्लेख करते हुए कहा कि बीपी सिंह ने भारतीय टेलीविजन पर अपराध और रहस्य आधारित कार्यक्रमों को नई दिशा दी।उनके अनुसार, बीपी सिंह की रचनात्मक सोच और तकनीकी समझ ने टीवी कार्यक्रमों की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
CID ने दिलाई घर-घर में पहचान
बीपी सिंह को सबसे अधिक प्रसिद्धि लोकप्रिय धारावाहिक 'CID' से मिली। इस कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 1998 में सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन पर हुई थी।यह धारावाहिक लंबे समय तक भारतीय टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय अपराध आधारित कार्यक्रमों में शामिल रहा।शो में पुलिस अधिकारियों की टीम विभिन्न आपराधिक मामलों की जांच करती थी। हर एपिसोड में नई कहानी, नए किरदार और रहस्य से भरी घटनाएं दिखाई जाती थीं।'CID' की सबसे बड़ी विशेषता इसकी रोमांचक कहानियां और प्रमुख किरदारों के बीच तालमेल था।इस शो ने भारतीय टेलीविजन पर लगभग दो दशक तक दर्शकों का मनोरंजन किया। वर्ष 2018 में इसका मूल प्रसारण समाप्त हुआ था।
एसीपी प्रद्युमन और दया जैसे किरदार हुए लोकप्रिय
'CID' में अभिनेता शिवाजी साटम ने एसीपी प्रद्युमन का किरदार निभाया था। वहीं, दयानंद शेट्टी इंस्पेक्टर दया और आदित्य श्रीवास्तव इंस्पेक्टर अभिजीत की भूमिका में नजर आए।इन किरदारों को दर्शकों ने बेहद पसंद किया।विशेष रूप से 'दया दरवाजा तोड़ दो' जैसे संवाद आज भी दर्शकों को याद हैं।बीपी सिंह ने शो की कहानियों में रहस्य और रोमांच बनाए रखने के साथ पुलिस अधिकारियों के बीच आपसी सहयोग को भी प्रमुखता दी।इस धारावाहिक की लोकप्रियता इतनी अधिक रही कि कई पीढ़ियों के दर्शक इसके नियमित प्रशंसक बने रहे।
'आहट' से हॉरर की दुनिया में भी बनाई पहचान
'CID' के अलावा बीपी सिंह का नाम लोकप्रिय हॉरर धारावाहिक 'आहट' से भी जुड़ा रहा।इस कार्यक्रम की शुरुआत वर्ष 1995 में हुई थी। इसमें डरावनी घटनाओं, रहस्यमय परिस्थितियों और अलौकिक कहानियों को दिखाया जाता था।'आहट' ने भारतीय टेलीविजन पर हॉरर कार्यक्रमों को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।कार्यक्रम की कहानियां, बैकग्राउंड म्यूजिक और सस्पेंस दर्शकों को आकर्षित करते थे।बीपी सिंह ने इस शो के माध्यम से साबित किया कि वह अपराध आधारित कहानियों के अलावा डर और रहस्य से जुड़े विषयों को भी प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत कर सकते हैं।
CID में डीसीपी चित्रोले का किरदार भी निभाया
बीपी सिंह केवल निर्माता और निर्देशक ही नहीं थे, बल्कि उन्होंने अभिनय में भी अपनी प्रतिभा दिखाई।'CID' में उन्होंने डीसीपी शमशेर सिंह चित्रोले की भूमिका निभाई थी।उनका यह किरदार दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ था। शो में उनकी मौजूदगी से कहानी में कई दिलचस्प मोड़ आते थे।बीपी सिंह का अभिनय करने का अंदाज भी दर्शकों को पसंद आया।निर्माण, निर्देशन और अभिनय जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में काम करके उन्होंने टेलीविजन इंडस्ट्री में अपनी बहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया।
FTII के चेयरमैन भी रह चुके थे बीपी सिंह
बीपी सिंह का योगदान केवल धारावाहिकों तक सीमित नहीं था।वह पुणे स्थित प्रतिष्ठित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से भी जुड़े रहे।दिसंबर 2018 में उन्हें संस्थान का चेयरमैन नियुक्त किया गया था।
इस संस्थान में फिल्म निर्माण, निर्देशन, अभिनय और तकनीकी शिक्षा से जुड़े विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाता है।बीपी सिंह को कैमरा तकनीक, निर्देशन और टेलीविजन निर्माण की गहरी समझ थी।उन्होंने अपने लंबे करियर में नई तकनीकों और रचनात्मक प्रयोगों को महत्व दिया।
28 अक्टूबर को अंतिम संस्कार की जानकारी
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बीपी सिंह का अंतिम संस्कार बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को किया जाना निर्धारित है।उनके निधन से परिवार, दोस्तों और मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों को गहरा दुख पहुंचा है।बीपी सिंह ने अपने करियर में ऐसे धारावाहिक बनाए, जिनकी लोकप्रियता आज भी बरकरार है।'CID' और 'आहट' जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से उन्होंने भारतीय टेलीविजन पर अपराध और रहस्य आधारित कहानियों को नई पहचान दी।
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