मुंबई: अभिनेत्री और ‘बिग बॉस 17’ फेम आयशा खान ने बिहार के जमुई में सामने आए उत्पीड़न के मामले पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे ‘बेहद शर्मनाक और घिनौना’ बताया। इसके साथ ही आयशा ने उन लोगों की सोच पर भी सवाल उठाए जो उत्पीड़न की घटनाओं के बाद पीड़ित को ही जिम्मेदार ठहराने लगते हैं।
आयशा खान ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए पीड़ितों को दोष देने यानी ‘विक्टिम ब्लेमिंग’ पर सवाल उठाए। उन्होंने इस सोच की आलोचना की कि किसी महिला के कपड़े, उसके बाहर निकलने का समय या किसी स्थान पर उसकी मौजूदगी उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार हो सकती है। उन्होंने जोर दिया कि सवाल पीड़ित के बजाय गलत व्यवहार करने वाले व्यक्ति से होना चाहिए।

जमुई का मामला सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर आक्रोश देखने को मिला है। घटना से जुड़े वीडियो और पोस्ट वायरल होने के बाद कई लोगों ने कार्रवाई की मांग की। इसी बीच आयशा खान ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए घटना की निंदा की और महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे को उठाया।

आयशा की प्रतिक्रिया खास तौर पर उस मानसिकता को लेकर थी, जिसमें महिलाओं के खिलाफ अपराध या उत्पीड़न की घटना सामने आने पर सबसे पहले उनके पहनावे और व्यवहार पर सवाल उठाए जाते हैं। उनका कहना था कि इस तरह के सवाल असली मुद्दे से ध्यान हटाते हैं और पीड़ित को ही कठघरे में खड़ा कर देते हैं।

सोशल मीडिया पर आयशा खान की प्रतिक्रिया पर भी यूजर्स ने अपनी राय रखी। कई लोगों ने उनकी बात का समर्थन करते हुए कहा कि किसी भी उत्पीड़न के मामले में पीड़ित के कपड़ों या निजी पसंद को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाना चाहिए। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच और कानून के मुताबिक कार्रवाई की मांग भी उठी।

इस तरह के संवेदनशील मामलों में पीड़ित की पहचान और निजता की सुरक्षा बेहद जरूरी है। सोशल मीडिया पर घटना से जुड़े वीडियो, तस्वीरें या व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से पीड़ित को अतिरिक्त मानसिक और सामाजिक परेशानी हो सकती है। इसलिए ऐसी सामग्री साझा करते समय सावधानी बरतना आवश्यक है।
आयशा खान सोशल मीडिया पर अक्सर अपनी बात रखती नजर आती हैं। जमुई मामले पर उनका बयान भी चर्चा में है। उन्होंने घटना की निंदा के साथ यह सवाल उठाया कि आखिर उत्पीड़न की घटनाओं में आरोपी के व्यवहार के बजाय पीड़ित की पसंद और कपड़ों पर सवाल क्यों खड़े किए जाते हैं।
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