90 के दशक का सुपरहिट गीत आज भी बसों में गूंज रहा
एक गाने ने बनाई पहचान 36 साल बाद भी कायम है जादू
नई दिल्ली: सफर के दौरान बसों में बजने वाले पुराने गाने आज भी लोगों को बीते दौर की याद दिला देते हैं। खासकर 90 के दशक के कई ऐसे गीत हैं, जो लंबे समय बाद भी लोगों की पसंद बने हुए हैं। इन्हीं में से एक है वह आइकॉनिक गाना, जो कभी रोडवेज बसों, ट्रकों और ऑटो में खूब सुनाई देता था और आज भी कई जगहों पर इसकी धुन सुनने को मिल जाती है।
90 के दशक में जब म्यूजिक कैसेट का दौर था, तब बसों और ट्रकों में ड्राइवर अक्सर अपनी पसंद के गाने बजाया करते थे। उस समय रोमांटिक और दर्द भरे गीतों की लोकप्रियता इतनी ज्यादा थी कि सफर करने वाले यात्रियों के लिए ये गाने यादगार बन गए। कई 90s के गाने आज भी बस और ऑटो की पुरानी यादों से जुड़े हुए हैं।
इन गीतों में अल्ताफ राजा का सुपरहिट गाना "तुम तो ठहरे परदेसी" भी शामिल है, जिसने 90 के दशक में जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की थी। साल 1997 में रिलीज हुआ यह गाना बस, ऑटो और सड़क किनारे की दुकानों तक खूब बजा करता था। इसकी खास शैली और भावनात्मक बोलों ने इसे लोगों के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया था।
इसके अलावा कुमार सानू, उदित नारायण, अलका याग्निक और अनुराधा पौडवाल जैसे गायकों के कई गाने भी उस दौर में सफर का हिस्सा बन गए थे। "मेरा दिल भी कितना पागल है", "तुझे ना देखूं तो चैन", "तुझे याद ना मेरी आई" जैसे कई गीत बसों और ऑटो में बार-बार सुनाई देते थे।
पुराने गानों की लोकप्रियता का एक बड़ा कारण उनका संगीत और भावनात्मक जुड़ाव था। उस समय मोबाइल और इंटरनेट का दौर नहीं था, इसलिए लोग रेडियो, कैसेट प्लेयर और सार्वजनिक वाहनों में बजने वाले गानों के जरिए संगीत से जुड़े रहते थे। यही कारण है कि कई गीत लोगों की यादों का हिस्सा बन गए।
आज भले ही म्यूजिक सुनने के तरीके बदल गए हैं और लोग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर गाने सुनते हैं, लेकिन पुराने गीतों की लोकप्रियता कम नहीं हुई है। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी 90 के दशक के गानों को नई पीढ़ी पसंद कर रही है।
रोडवेज बसों में बजने वाले ये गाने सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं थे, बल्कि लंबे सफर के साथी हुआ करते थे। यात्रियों के लिए बस की खिड़की से बाहर का नजारा और बैकग्राउंड में बजता पुराना गीत एक अलग ही अनुभव देता था।
यही वजह है कि 36 साल पुराने और 90 के दशक के कई गाने आज भी लोगों के दिलों में खास जगह बनाए हुए हैं। बदलते समय और तकनीक के बावजूद इन गीतों की मिठास और यादें आज भी बरकरार हैं।