दीवाली 2.0: क्या AI आपका नया फेस्टिव असिस्टेंट बन गया है?
दक्षिण मुंबई में यूरोपीय खानपान का शानदार अनुभव
आज रात भारत में कहीं कोई बड़ा इंसान चैटबॉट में टाइप कर रहा है— 'बिना किसी टैलेंट वाले व्यक्ति के लिए मोर वाली आसान रंगोली'। कहीं और, किसी AI से पूछा जा रहा है कि क्या दो किलो पनीर में चौदह मेहमानों का काम चल सकता है। और कम से कम एक फैमिली व्हाट्सएप ग्रुप में, किसी अंकल को AI से बने ग्रीटिंग्स मिल गए हैं, और अब उन्हें रोकना नामुमकिन है!
दीये अभी भी मिट्टी के ही हैं। काजू कतली अभी भी इतनी टेस्टी है कि संभलकर खानी पड़े। लेकिन रोशनी के इस त्योहार को चुपके से एक नया असिस्टेंट मिल गया है—जो न खाता है, न सोता है, और कभी यह नहीं कहता कि 'अरे, खुद ही कर लो न!'
दीवाली 2.0 में आपका स्वागत है!
रंगोली की रिहर्सल
रंगोली हमेशा से ही इस त्योहार का सबसे मुश्किल 'आर्ट एग्जाम' रही है। एक लाइन भी टेढ़ी हुई, तो मोर कबूतर जैसा दिखने लगता है! अब लोग चैटजीपीटी (ChatGPT) या जेमिनी (Gemini) को बताते हैं कि उन्हें क्या चाहिए (जैसे—कमल का फूल, सिमेट्रिकल डिज़ाइन, गुलाबी और पीला रंग, किनारों पर दीये), और कुछ ही सेकंड में उन्हें पूरा डिज़ाइन सामने दिख जाता है। लाइफस्टाइल पेजों पर रंगोली, बालकनी की सजावट और पूजा के कोनों के लिए ऐसे प्रॉम्प्ट्स भरे पड़े हैं, जिन्हें बस कॉपी-पेस्ट करना है।
प्रेक्षा शेट्टी हंसते हुए कहती हैं, "हर साल मैं अपनी पड़ोसन की रंगोली देखकर उसे कॉपी करने की कोशिश करती थी, पर और भी खराब बना देती थी! इस बार मैंने एक सिंपल कमल के फूल का डिज़ाइन मांगा और पहले कागज़ पर उसकी प्रैक्टिस की। मेरी लाइनें अभी भी थोड़ी टेढ़ी-मेढ़ी हैं, लेकिन कम से कम मुझे पता तो था कि मैं क्या बना रही हूँ!"
नया अंदाज़
क्या आपको वो फॉरवर्ड किए गए ग्रीटिंग्स याद हैं, जिनमें टिमटिमाते दीये का GIF होता था—जो आपको अलग-अलग अंकल लोगों से कई बार मिलते थे? अब उन्हें टक्कर देने के लिए कुछ नया आ गया है! इस साल 6 नवंबर को धनतेरस और 8 नवंबर को लक्ष्मी पूजा है, और अब छपे हुए कार्ड्स का ज़माना लगभग जा चुका है। अब शुभकामनाएं व्हाट्सएप स्टेटस या इंस्टाग्राम स्टोरी के ज़रिए दी जाती हैं, और AI इमेज टूल की मदद से आप बस एक मिनट में अपनी पसंद का ग्रीटिंग तैयार कर सकते हैं।
यह और भी ज़्यादा पर्सनल हो गया है! बस अपनी एक सेल्फी अपलोड करें और व्हाट्सएप के अंदर चैटजीपीटी, जेमिनी या मेटा AI (Meta AI) से कहें कि वे आपकी सेल्फी को त्योहार वाले स्टिकर्स में बदल दें। इनमें आप पारंपरिक कपड़ों में दिखेंगे, साथ में दीये होंगे, और हर रिश्तेदार के लिए अलग-अलग एक्सप्रेशन भी होंगे! पिछली बार, गूगल का जेमिनी सेल्फी को पुराने बॉलीवुड पोस्टरों में बदल रहा था। इस साल, फैमिली ग्रुप में एक कार्टून वाले 'चाचा' हैं, जिनके हाथ में लड्डू है। इसे ही तो कहते हैं तरक्की! घबराएं नहीं
असली तैयारी तो पर्दे के पीछे, यानी प्लानिंग के दौरान होती है। चैटजीपीटी (ChatGPT) ने दिवाली के लिए अपने 'वॉयस मोड' का इस्तेमाल करने के सात तरीके सुझाए हैं, जिसमें उसकी दो भारतीय आवाज़ें—'नीर' और 'लेहर'—शामिल हैं। यह लिस्ट बिल्कुल किसी मेज़बान (होस्ट) के मन में चल रहे विचारों जैसी है: त्योहार का बजट तय करना, ₹1,000 से कम कीमत वाले तोहफे चुनना, दस लोगों के लिए डिनर प्लान करना (जिसमें दो मेहमान प्याज-लहसुन नहीं खाते), और अचानक चार और मेहमानों के आने की खबर मिलने पर मेन्यू को संभालना।
किरण मन्ना बताती हैं, "मैं हर साल ताश की पार्टी (कार्ड पार्टी) होस्ट करती हूँ, और हर बार कुछ न कुछ भूल जाती हूँ। इस बार मैंने चैटबॉट से सब कुछ डिस्कस किया—मेहमानों की लिस्ट, कौन शाकाहारी है, और फ्रिज में पहले से क्या-क्या रखा है। मेरी चाय ठंडी होती, उससे पहले ही मेरे पास पूरा मेन्यू और शॉपिंग लिस्ट तैयार थी।"
इस लिस्ट में सबसे प्यारा आइडिया वह है, जिसका स्पीड से कोई लेना-देना नहीं है। नानी अपनी खास डिश के बारे में हिंदी में बोलकर बताती हैं—जैसे 'थोड़ा सा' या 'इतना'—और असिस्टेंट उसे एक लिखित रेसिपी में बदल देता है, जिसे परिवार वाले हमेशा के लिए संभाल कर रख सकते हैं।
बॉट से पूछें
फिर आता है सबसे बड़ा सवाल: क्या पहनें? पिछले महीने नवरात्रि के दौरान, युवाओं ने अपने कपड़ों के आइडिया चैटबॉट को दिए। चैटबॉट ने उन्हें हर दिन के लिए अलग-अलग लुक, दुपट्टे के कॉम्बिनेशन और ज्वेलरी के सुझाव दिए—वह भी उनके पास पहले से मौजूद कपड़ों के आधार पर! गरबा नाइट की जगह ताश की पार्टी रख लें, तो यही तरीका दिवाली के लिए भी काम आ जाएगा।
शॉपिंग ऐप्स भी इसमें पीछे नहीं हैं। फ्लिपकार्ट (Flipkart) पर आप बोलकर या फोटो के ज़रिए सर्च कर सकते हैं, और मिंत्रा (Myntra) का AI अब उनके लगभग 85% कपड़ों के लिए स्टाइल के सुझाव और सही साइज़ चुनने में मदद करता है। मेटा (Meta) की एक रिपोर्ट के अनुसार, 80% यूज़र्स ने त्योहार से जुड़े आइडिया और शॉपिंग के लिए AI की मदद ली है।
दीया कौन जलाएगा?
यहाँ एक पेंच है, जो असल में राहत देने वाला है। चैटबॉट अक्सर आपका बजट भूल जाते हैं (जब तक उन्हें याद न दिलाया जाए), वे सबको एक जैसा 'ट्रेंडिंग' लुक दे सकते हैं, और उन्हें यह नहीं पता होता कि आपके परिवार में दिवाली का मतलब 'नीली सिल्क की साड़ी' पहनना है। "इसमें विकल्प तो बहुत हैं, लेकिन यह मुझे बिल्कुल नहीं समझता। यह बार-बार पेस्टल रंगों के सुझाव दे रहा था, जबकि मुझे पेस्टल रंग पसंद ही नहीं हैं। दिवाली ही तो वह एक दिन है जब मैं अपनी अलमारी के सबसे भड़कीले कपड़े पहन सकती हूँ! इसलिए मैंने इसे धन्यवाद कहा और फिर भी हॉट पिंक रंग ही चुन लिया," चांदनी शाह कहती हैं।
शायद 'दिवाली 2.0' का सबसे सटीक वर्णन यही है। मशीन रंगोली का डिज़ाइन बना सकती है, शुभकामनाओं के लिए शब्द लिख सकती है, मेनू तय कर सकती है और आपके लिए कुर्ता चुन सकती है। लेकिन यह चकली का स्वाद नहीं ले सकती, आपके कज़िन को गले नहीं लगा सकती, या 'तीन पत्ती' में जीत नहीं सकती। इसलिए, तनाव का जिम्मा मशीन पर छोड़ दें, और दिवाली की चमक-धमक अपने पास रखें।
दीवाली हुई डिजिटल
चैटबॉट्स के आने से बहुत पहले ही, फोन पूजा घर में अपनी जगह बना चुका था।
स्कैन करके शगुन। सुनहरे बॉर्डर वाले लिफाफे को अब एक टक्कर मिल गई है: QR कोड। अब आशीर्वाद एक 'पिंग' (नोटिफिकेशन) के साथ पहुँच जाता है।
नोटिफिकेशन के ज़रिए उपहार। ई-गिफ्ट कार्ड और डिजिटल गोल्ड कुछ ही सेकंड में दूर रहने वाले रिश्तेदारों तक पहुँच जाते हैं, और इन्हें सोन पापड़ी के डिब्बे की तरह आगे किसी और को नहीं थमाया जा सकता।
वीडियो कॉल पर पार्टी। टोरंटो में बैठा चचेरा भाई स्क्रीन पर पूजा में शामिल हो जाता है, और 'तीन पत्ती' का खेल भी अब ऑनलाइन हो गया है। और हाँ, कोई न कोई तो हमेशा 'म्यूट' पर ही रहता है।