सागर में खुद को आग लगाने वाले किसान की मौत पर विधायक ने फूट-फूटकर रोए, और फिर...
सागर जिले के बंडा थाने में खुद को आग लगाने वाले किसान शीतल रजक की मौत हो गई. इस घटना के बाद हड़कंप मच गया. रजक की मौत पर बंडा से कांग्रेस विधायक तरवर सिंह लोधी फूट-फूटकर रोए
सागर जिले के बंडा थाने में खुद को आग लगाने वाले किसान शीतल रजक की मौत हो गई. इस घटना के बाद हड़कंप मच गया. रजक की मौत पर बंडा से कांग्रेस विधायक तरवर सिंह लोधी फूट-फूटकर रोए. उन्होंने प्रशासन से दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की. उन्होंने कहा कि रजक की मौत के मामले में जब तक उचित कार्रवाई नहीं होगी, तब तक मैं शांत नहीं बैठूंगा. जेल जाना पड़े तो जाऊंगा. उन्होंने यह बात 12 अगस्त को बंडा थाना परिसर में धरना देते वक्त कही. वे बारिश के बीच ही धरने पर बैठ गए थे. अब इस मामले ने तूल पकड़ लिया है.
विधायक लोधी ने कहा कि जब तक किसान को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक मैं धरने से नहीं उठूंगा. इसके साथ ही, वे बंडा थाना प्रभारी को हटाने की मांग पर अड़ गए. उनका धरना करीब 7 घंटे लगातार तेज बारिश में भी चलता रहा. इसके बाद जिला कलेक्टर दीपक आर्य मौके पर पहुंचे और आश्वासन दिया कि 17 तारीख को आपके सभी मुद्दों पर निराकरण किया जाएगा. उन्होंने विधायक को बताया कि मृतक परिजनों को सहायता राशि देकर दुकानदार का लाइसेंस निरस्त कर दिया है. उसके बाद जो पुलिस कार्रवाई होनी है वो होगी. इसके बाद लोधी ने धरना खत्म किया और कहा कि अगर कार्रवाई नहीं होगी तो 17 तारीख को सुबह से उग्र आंदोलन किया जाएगा.
पुलिस की लापरवाही से मौत
गौरतलब है कि किसान शीतल रजक की 12 अगस्त को इलाज के दौरान मौत हो गई थी. उन्होंने उससे कुछ दिन पहले पुलिस से नकली कीटनाशक की शिकायत की थी. लेकिन, जब पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो शीतल ने 9 अगस्त को बंडा थाने में खुद को आग के हवाले कर दिया था. इसके बाद पूरे जिले में हड़कंप मच गया. प्रशासनिक अधिकारियों के होश उड़ गए. शीतल को आनन-फानन में भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती किया गया.
इलाके में तैनात किया गया था भारी पुलिसबल
मौत के बाद किसान का शव देर शाम बंडा पहुंचा था. यहां उनका अंतिम संस्कार किया गया. इस घटना पर रजक के ग्राम चौका में मामत पसर गया. लोगों ने उनकी मौत पर रोष व्यक्त किया. स्थिति गंभीर होती देख प्रशासन ने इलाके में भारी पुलिसबल तैनात कर दिया था. बताया जाता है कि मृतक ने शंकर खाद बीज भंडार से कीटनाशक दवा खरीदी थी, ताकि खेत में लगी सोयाबीन की फसल को इल्ली और खतपतवार से बचाया जा सके. लेकिन, कीटनाशक डालने के बाद फसल खराब हो गई.