कहते हैं कि शराब जितनी पुरानी होती है, वो उतनी ही अच्‍छी होती है और उसके फायदे उतने ही ज्‍यादा होते हैं. यूं तो आपने दुनिया में कई तरह की शराब की वैरायटीज के बारे में सुना होगा जिनकी अपनी-अपनी खूबियां होंगी. मगर आज हम आपको उस व्हिस्‍की के बारे में बताने जा रहे हैं जो दुनिया में सबसे महंगी है. हम बात कर रहे हैं सिंगल माल्‍ट व्हिस्‍की की जिसकी कीमत के बारे में जानकर आपके होश उड़ जाएंगे.

30,000 अमेरिकी डॉलर की व्हिस्‍की
सिंगल माल्‍ट व्हिस्‍की की कीमत 30,000 अमेरिकी डॉलर तक हो सकती है. कुछ साल पहले द मैकलान 1926 एक बॉटल बिकी थी जिसकी कीमत थी 1.5 मिलियन डॉलर. सुनकर आपके भी होश उड़ा जाएंगे क्‍योंकि इतनी रकम में कई सारे काम आसान से हो सकते हैं. कई लोग इतनी रकम खर्च करने से पहले कई बार सोचेंगे. लेकिन इस व्हिस्‍की में ऐसा क्‍या था कि इसकी इतनी कीमत मिली. मैकलान की सिर्फ 12 बॉटल्‍स ही तैयार हो पाई हैं. ग्‍लेन्‍डफिक को दुनिया की बेस्‍ट सिंगल माल्‍ट व्हिस्‍की में रखा जाता है. इसकी 50 साल पुरानी बॉटल की कीमत 30,000 अमेरिकी डॉलर तक है.
क्‍यों महंगी होती है सिंगल माल्‍ट व्हिस्‍की
सिंगल माल्‍ट व्हिस्‍की को तैयार करना एक मुश्किल और लंबी प्रक्रिया है. इस व्हिस्‍की को Barley यानी जौ से तैयार किया जाता है. इसके बाद जौ को जमीन के पानी में मिलाया जाता है. 64 डिग्री सेंटीग्रेट तक इसे गर्म किया जाता है. इसे इतना गर्म किया जाता है कि यह चीनी में बदल जाता है, एक अच्छे मीठे, चटखारेदार लिक्विड में तब्‍दील हो जाता है जिसे वोर्ट कहा जाता है. इस वोर्ट को ठंडा किया जाता है और फिर इसे वॉश बैक्‍स में डाला जाता है. इसे पहले डिस्टिलेशन के लिए कॉपर वॉश स्टिल्स में गर्म किया जाता है और दूसरी बार स्पिरिट स्टिल्स में.
क्‍या है इसकी खासियत
30 साल पुरानी सिंगल माल्‍ट व्हिस्‍की में 30 से 40 फीसदी तक एल्‍कोहल को बैरल में इवैपोरेट हो सकता है. या आप इसे ऐसे समझ सकते हैं कि हर साल व्‍हीस्‍की की लाइफ में 1 फीसदी एल्‍कोहल एड हो जाते हैं. कोई भी व्‍हीस्‍की इसलिए ही बेस्‍ट कही जाती है क्‍योंकि उसमें 'एंजल्‍स शेयर' होता है. एंजल्‍स शेयर यानी लिक्विड का वो प्राकृतिक वाष्‍पीकरण जो समय-समय पर पर्यावरण में घुलता जाता है. इसी प्रक्रिया की वजह से कोई भी व्हिस्‍की इतनी महंगी होती है क्‍योंकि ये एक असाधारण प्रक्रिया होती है.
सिंगल माल्‍ट व्हिस्‍की को एंजल्‍स शेयर और इसकी दुर्लभता और ज्‍यादा महंगा बना देती है. स्‍कॉटलैंड में ठंडे तापमान की वजह से वाष्‍पीकरण बहुत कम होता है लेकिन जब व्हिस्‍की को 60 साल तक रखा जाता है तो एंजल्‍स शेयर काफी मात्रा में खो जाता है. जब कोई प्रॉडक्‍ट वाष्‍पीकरण की वजह से खोता जाता है तो फिर वह एक असाधारण प्रोडक्‍ट बन जाता है.
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