नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के अधिकारी विवेक भगत ने अपने खिलाफ चल रही जांच का हवाला देते हुए एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस यानी Addl DCP का मौजूदा ड्यूटी चार्ज फिलहाल नहीं लेने का फैसला किया है। महिला पत्रकारों के कथित उत्पीड़न से जुड़े मामले की जांच पूरी होने तक उन्होंने इस जिम्मेदारी से खुद को अलग रखने की इच्छा जताई है। उनके अनुरोध के बाद दिल्ली सरकार ने 12 सिलेक्शन ग्रेड DANIPS अधिकारियों को Addl DCP का मौजूदा ड्यूटी चार्ज सौंपने से जुड़े प्रशासनिक आदेश में संशोधन किया है।
विवेक भगत फिलहाल नई दिल्ली जिले के कनॉट प्लेस में सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर यानी SDPO के रूप में तैनात हैं। उन्होंने दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर कहा कि उनके खिलाफ दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच में जांच चल रही है और ऐसी स्थिति में Addl DCP का अतिरिक्त दायित्व संभालना उचित नहीं होगा। उन्होंने अनुरोध किया कि जांच पूरी होने और मामले में स्थिति स्पष्ट होने तक उनके नाम से जारी मौजूदा ड्यूटी चार्ज को स्थगित रखा जाए।
भगत ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि उन्हें Addl DCP का मौजूदा ड्यूटी चार्ज 5 अक्टूबर को जारी आदेश के तहत दिया गया था। हालांकि, इसके बाद महिला पत्रकारों के कथित उत्पीड़न से जुड़े मामले में उनके नाम को लेकर सवाल उठे। इसी पृष्ठभूमि में उन्होंने उच्च अधिकारियों से कहा कि जांच निष्पक्ष रूप से पूरी होने तक वे अतिरिक्त पदभार ग्रहण नहीं करना चाहते।
दिल्ली सरकार की ओर से पहले 12 सिलेक्शन ग्रेड DANIPS अधिकारियों को Addl DCP स्तर का मौजूदा ड्यूटी चार्ज देने का प्रशासनिक आदेश जारी किया गया था। इस आदेश में विवेक भगत का नाम भी शामिल था। लेकिन उनके अनुरोध के बाद सरकार ने आदेश में बदलाव करते हुए उनके मामले को फिलहाल अलग कर दिया। अब संशोधित व्यवस्था अन्य अधिकारियों के संबंध में प्रभावी रहेगी, जबकि भगत को दिया गया अतिरिक्त दायित्व जांच के नतीजे तक होल्ड पर रहेगा।
इस पूरे घटनाक्रम का संबंध महिला पत्रकारों के कथित उत्पीड़न के आरोपों से है। आरोपों के सामने आने के बाद मामले की जांच दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही है। भगत ने भी अपने पत्र में इसी जांच का उल्लेख करते हुए कहा कि जब तक पूरी जांच नहीं हो जाती, तब तक उनके लिए अतिरिक्त प्रशासनिक जिम्मेदारी ग्रहण करना उचित नहीं होगा।
बताया जा रहा है कि विवेक भगत ने यह कदम अपनी ओर से उठाया है। उन्होंने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि वह जांच प्रक्रिया का सम्मान करते हैं और इसके निष्कर्ष तक Addl DCP का मौजूदा ड्यूटी चार्ज नहीं लेना चाहते। इसके बाद संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों ने उनके अनुरोध पर विचार किया और पहले जारी आदेश को संशोधित करने का फैसला लिया।
Addl DCP का मौजूदा ड्यूटी चार्ज एक प्रशासनिक व्यवस्था के तहत दिया जाता है। इसका उद्देश्य पुलिस विभाग में वरिष्ठ स्तर पर कामकाज को सुचारू बनाए रखना और जरूरत के अनुसार अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी देना होता है। हालांकि, विवेक भगत से जुड़े मामले में जांच लंबित होने के कारण उनके पदभार को लेकर विवाद की स्थिति बन गई थी।
भगत फिलहाल कनॉट प्लेस इलाके में SDPO की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। नई दिल्ली का यह इलाका सुरक्षा और कानून व्यवस्था की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में व्यावसायिक प्रतिष्ठान, सरकारी कार्यालय, बाजार, होटल और महत्वपूर्ण संस्थान मौजूद हैं। ऐसे में SDPO स्तर पर अधिकारी की जिम्मेदारी भी अहम मानी जाती है।
विवेक भगत के अनुरोध के बाद दिल्ली सरकार द्वारा आदेश में किया गया बदलाव प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे यह संदेश भी गया है कि जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारी को उच्चतर अतिरिक्त दायित्व से अलग रखा जाएगा। हालांकि, उनके मौजूदा पद और नियमित जिम्मेदारियों को लेकर किसी बदलाव की जानकारी सामने नहीं आई है।
फिलहाल क्राइम ब्रांच की जांच जारी है और इसके निष्कर्ष का इंतजार किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की प्रशासनिक कार्रवाई और विवेक भगत को Addl DCP स्तर का अतिरिक्त चार्ज दिए जाने को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।
मामले में अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। अगर जांच में आरोपों को लेकर स्थिति साफ होती है, तो उसके आधार पर आगे प्रशासनिक फैसला लिया जा सकता है। तब तक विवेक भगत अपने मौजूदा पद पर काम करते रहेंगे और Addl DCP का अतिरिक्त चार्ज उनके लिए स्थगित रहेगा।