पेनकिलर की ओवरडोज पर चेतावनी, किडनी सुरक्षा को लेकर नई सलाह
पेनकिलर का बढ़ता इस्तेमाल चिंता
नई दिल्ली: दर्द से राहत पाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली पेनकिलर दवाओं को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिना जरूरत या अधिक मात्रा में दर्द निवारक दवाओं का सेवन किडनी पर नकारात्मक असर डाल सकता है। खासकर लंबे समय तक इन दवाओं का इस्तेमाल करने से स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं।
पेनकिलर दवाएं आमतौर पर सिरदर्द, शरीर में दर्द, चोट या अन्य तकलीफों में राहत देने के लिए ली जाती हैं। लेकिन कई लोग डॉक्टर की सलाह के बिना बार-बार इनका सेवन करने लगते हैं। लंबे समय तक या अधिक मात्रा में दवाओं का इस्तेमाल शरीर के महत्वपूर्ण अंगों पर दबाव डाल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ दर्द निवारक दवाएं किडनी में रक्त प्रवाह को प्रभावित कर सकती हैं। इससे किडनी की कार्यक्षमता पर असर पड़ने का खतरा रहता है। जिन लोगों को पहले से किडनी से जुड़ी समस्या, हाई ब्लड प्रेशर या अन्य स्वास्थ्य परेशानियां हैं, उन्हें दवाओं के इस्तेमाल में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि किसी भी पेनकिलर को लगातार लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें। दवा की सही मात्रा और अवधि का पालन करना जरूरी है। खुद से दवा की डोज बढ़ाना या बार-बार दवा लेना नुकसानदायक हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दर्द का कारण जानना भी जरूरी है। कई बार सामान्य दर्द किसी अन्य बीमारी या समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे में केवल पेनकिलर लेकर समस्या को दबाने के बजाय चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए। लोगों को सलाह दी गई है कि वे दवाओं के लेबल पर दी गई जानकारी पढ़ें और निर्धारित मात्रा से अधिक सेवन न करें। पर्याप्त पानी पीना, स्वस्थ जीवनशैली अपनाना और नियमित स्वास्थ्य जांच कराना भी किडनी को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है। स्वास्थ्य क्षेत्र के जानकारों के अनुसार, पेनकिलर जरूरत के समय उपयोगी होती हैं, लेकिन इनका गलत या अत्यधिक इस्तेमाल शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसलिए दर्द की स्थिति में सही सलाह लेकर ही दवा का सेवन करना बेहतर है।