हवाई यात्रा के दौरान बवाल! इमरजेंसी एग्जिट से छेड़छाड़ करने वाला यात्री गिरफ्तार

Update: 2026-08-06 11:40 GMT
नई दिल्ली : कुआलालंपुर से कोच्चि आ रही एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक यात्री ने विमान के इमरजेंसी एग्जिट को जबरन खोलने की कथित कोशिश की। इतना ही नहीं, उस पर साथी यात्रियों और केबिन क्रू को धमकाने तथा इमरजेंसी एग्जिट के विंडो पैनल को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप है। घटना के बाद विमान में मौजूद यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। फ्लाइट के सुरक्षित कोच्चि पहुंचते ही आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मामले में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान **जमशीर अथानिक्कल** के रूप में हुई है। वह बुधवार को कुआलालंपुर से कोच्चि जा रही **बाटिक एयर की फ्लाइट OD231** में सफर कर रहा था। पुलिस का कहना है कि घटना उस समय हुई जब विमान उड़ान के दौरान आसमान में था। एफआईआर के मुताबिक रात करीब **9:30 बजे से 11:05 बजे** के बीच आरोपी ने अचानक इमरजेंसी एग्जिट के साथ छेड़छाड़ शुरू कर दी और उसे जबरन खोलने का प्रयास किया।
शिकायत के अनुसार आरोपी ने इमरजेंसी एग्जिट के विंडो पैनल को भी नुकसान पहुंचाया। जब साथी यात्रियों और केबिन क्रू ने उसे रोकने का प्रयास किया तो उसने कथित तौर पर उन्हें धमकाया। इस हरकत से विमान में मौजूद यात्रियों में दहशत फैल गई और कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। हालांकि केबिन क्रू ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तुरंत हस्तक्षेप किया और आरोपी को काबू में कर लिया। उनकी तत्परता के कारण कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ और विमान सुरक्षित रूप से अपनी निर्धारित मंजिल तक पहुंच सका।
घटना के बाद बाटिक एयर के सुरक्षा अधिकारियों ने पूरे मामले की जानकारी संबंधित एजेंसियों को दी। कोच्चि पहुंचने पर एयरलाइन के सिक्योरिटी इन-चार्ज की शिकायत के आधार पर पुलिस पहले से ही सतर्क थी। जैसे ही विमान उतरा, पुलिस टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच के बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की **धारा 351(3)** के तहत आपराधिक धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा **एयरक्राफ्ट एक्ट की धारा 11A** के तहत विमान की सुरक्षा संबंधी निर्देशों का उल्लंघन करने तथा **केरल पुलिस एक्ट की धारा 118(e)** के तहत सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने के आरोप भी लगाए गए हैं। इन सभी धाराओं के तहत मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आरोपी ने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया। पुलिस उसके मानसिक स्वास्थ्य, यात्रा के दौरान उसके व्यवहार और अन्य यात्रियों व क्रू सदस्यों के बयानों को भी जांच का हिस्सा बना रही है। विमान में मौजूद यात्रियों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि घटनाक्रम की पूरी तस्वीर सामने आ सके।
विमानन सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि उड़ान के दौरान इमरजेंसी एग्जिट से छेड़छाड़ जैसी घटनाएं बेहद गंभीर मानी जाती हैं। ऐसे मामलों में न केवल विमान में मौजूद यात्रियों की जान जोखिम में पड़ सकती है, बल्कि उड़ान की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रभाव पड़ता है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय और भारतीय विमानन नियमों में इस तरह की हरकतों के लिए कड़े दंड का प्रावधान किया गया है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। वहीं, एयरलाइन की ओर से भी घटना की आंतरिक समीक्षा की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सके।
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