नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली में डेटिंग ऐप के जरिए एक बुजुर्ग व्यक्ति से धोखाधड़ी करने के मामले में पुलिस ने दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों महिलाओं ने एक 67 वर्षीय व्यक्ति से पहले ऑनलाइन दोस्ती की और फिर साजिश के तहत उसका मोबाइल फोन चोरी कर बैंक खातों से करीब 1.30 लाख रुपये ट्रांसफर कर लिए।
पुलिस अधिकारियों ने बुधवार को बताया कि मामले की जांच के दौरान दोनों आरोपी महिलाओं की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, यह पूरा मामला ऑनलाइन डेटिंग प्लेटफॉर्म के जरिए शुरू हुआ, जहां आरोपियों ने बुजुर्ग व्यक्ति को अपना निशाना बनाया।
जांच में सामने आया कि एक आरोपी महिला ने शिकायतकर्ता से संपर्क करने के लिए एक फर्जी डेटिंग प्रोफाइल तैयार की थी। इस प्रोफाइल के जरिए उसने बुजुर्ग व्यक्ति से बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे विश्वास कायम किया। बातचीत बढ़ने के बाद आरोपी ने मिलने की योजना बनाई।
पुलिस के मुताबिक, इसके बाद आरोपी महिला की साथी ने उस महिला का रूप धारण किया, जिसकी प्रोफाइल के जरिए बुजुर्ग व्यक्ति से बातचीत हुई थी। इस तरह शिकायतकर्ता को यह विश्वास दिलाया गया कि वह उसी व्यक्ति से मिल रहा है, जिससे उसकी ऑनलाइन बातचीत हुई थी।
मुलाकात के दौरान कथित तौर पर बुजुर्ग व्यक्ति का मोबाइल फोन चोरी कर लिया गया। इसके बाद आरोपियों ने फोन का इस्तेमाल कर उसके बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर किए। पीड़ित को जब अपने खाते से रकम निकलने की जानकारी मिली तो उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया। इसके बाद दोनों महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन डेटिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए होने वाली धोखाधड़ी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। साइबर अपराधी लोगों से भावनात्मक संबंध बनाकर उनका भरोसा जीतते हैं और बाद में उन्हें आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन किसी भी व्यक्ति से दोस्ती करते समय सावधानी बरतें। खासतौर पर अनजान लोगों के साथ व्यक्तिगत जानकारी, बैंक डिटेल और मोबाइल एक्सेस जैसी संवेदनशील चीजें साझा करने से बचना चाहिए।
जांच एजेंसियों के अनुसार, अपराधी अक्सर फर्जी पहचान और नकली प्रोफाइल का इस्तेमाल कर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। ऐसे मामलों में पीड़ित व्यक्ति को शुरुआत में यह महसूस नहीं होता कि वह किसी साजिश का शिकार हो रहा है।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या आरोपी महिलाओं ने इससे पहले भी इस तरह की किसी वारदात को अंजाम दिया है। इसके अलावा उनके संपर्कों और संभावित अन्य पीड़ितों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
साइबर अपराध विशेषज्ञों का कहना है कि डेटिंग ऐप पर बने रिश्तों में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। किसी भी व्यक्ति से मिलने से पहले उसकी पहचान की पुष्टि करनी चाहिए और आर्थिक लेन-देन से पूरी तरह बचना चाहिए।
इस मामले ने एक बार फिर ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे को उजागर किया है। जहां डिजिटल प्लेटफॉर्म लोगों को जोड़ने का माध्यम बने हैं, वहीं कुछ अपराधी इनका गलत इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने कहा है कि साइबर अपराधों पर नजर रखने के लिए विशेष टीमें काम कर रही हैं और ऐसे मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल गिरफ्तार दोनों महिलाओं से पूछताछ जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान इस गिरोह और उनके काम करने के तरीके से जुड़ी और जानकारियां सामने आ सकती हैं।