Delhi दिल्ली पुलिस ने अंतर-राज्यीय ट्रक चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। आरोप है कि यह गिरोह राजधानी से गाड़ियां चुराकर उन्हें पंजाब ले जाता था, जहाँ उनके पुर्जे अलग करके बेचे जाते थे। पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि गिरोह के कथित मास्टरमाइंड समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इस गिरोह का संबंध दिल्ली में दर्ज ट्रक चोरी के चार मामलों से जोड़ा है। सितंबर में गुलाबी बाग से चोरी हुए एक ट्रक के पुर्जे पंजाब के खनौरी, पाट्रन इलाके के एक गोदाम से बरामद किए गए; आरोप है कि गाड़ी को पुर्जे अलग करने के लिए वहीं ले जाया गया था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 40 वर्षीय भरत (पूर्व ट्रांसपोर्ट व्यवसायी, जो अब ड्राइवर का काम करता है), 36 वर्षीय शंभू महतो (ड्राइवर) और 32 वर्षीय अमृतपाल सिंह (पंजाब में फूलों की सजावट का काम करने वाला) के तौर पर हुई है। पुलिस का आरोप है कि भरत और शंभू दिल्ली से ट्रक चुराते थे और उन्हें अमृतपाल को बेच देते थे, जो उनके पुर्जे अलग करके ठिकाने लगाता था।
जांच तब शुरू हुई जब 20 जुलाई को रजिस्टर हुए एक नए ट्रक को 27 सितंबर को गुलाबी बाग पुलिस स्टेशन इलाके से चुरा लिया गया। इस मामले में पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया था।
नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट के एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वाड (AATS) की एक टीम ने चोरी के बाद गाड़ी की आवाजाही का पता लगाने के लिए CCTV फुटेज का विश्लेषण किया। जांचकर्ताओं को पता चला कि कथित चोरों ने गाड़ी से GPS डिवाइस निकाल दिया था। इसके बाद ट्रक को आउटर रिंग रोड, करनाल बाईपास, संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर और मुरथल होते हुए सोनीपत के मल्हाना में एक CNG पंप तक जाते हुए ट्रैक किया गया, जहाँ PhonePe के ज़रिए पेमेंट किया गया था।