सरकार का मुख्य उद्देश्य देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना : शिवराज सिंह चौहान
Delhi दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य देश की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना, लोगों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाना और किसानों के लिए कृषि व्यवसाय को लाभदायक बनाए रखना है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुंबई में एशियाई बीज कांग्रेस 2025 का उद्घाटन किया। इस उद्घाटन समारोह में एशियाई बीज कांग्रेस 2025 का लोगो भी जारी किया गया। कृषि मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार ने प्रति हेक्टेयर उत्पादकता बढ़ाने, किसानों को उत्तम गुणवत्ता के बीज उपलब्ध करवाने और उत्पादन लागत में कमी लाने पर विशेष ध्यान दिया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने, उन्हें मुआवजा उपलब्ध करवाने और कृषि पद्धतियों के डायवर्सिफिकेशन की ओर भी लगातार ध्यान दिया है।
उन्होंने निजी क्षेत्रों से बीजों की कीमतें कम करने की अपील की और इस बात पर खास जोर देते हुए कहा कि उच्च गुणवत्तापूर्ण बीज विकसित करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के साथ ही निजी क्षेत्र का भी योगदान भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के बीज महंगे हैं और अधिकांश किसान वंचित वर्ग आते हैं, जिसकी वजह से इन बीजों का खर्च उठाना उनके लिए मुश्किल होता है।
उन्होंने निजी क्षेत्रों से बीजों की कीमतें कम करने की अपील की और इस बात पर खास जोर देते हुए कहा कि उच्च गुणवत्तापूर्ण बीज विकसित करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के साथ ही निजी क्षेत्र का भी योगदान भी बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के बीज महंगे हैं और अधिकांश किसान वंचित वर्ग आते हैं, जिसकी वजह से इन बीजों का खर्च उठाना उनके लिए मुश्किल होता है।
केंद्रीय मंत्री चौहान ने सुझाव देते हुए कहा कि अगर किसानों को इस तरह के बीज उपलब्ध करवाए जाएं, जिन्हें वर्ष भर बदलने की जरूरत न पड़े तो कृषक समुदाय की एक बड़ी चिंता दूर हो जाएगी। उन्होंने कंपनियों से खराब क्वालिटी वाले, बिना अंकुरण क्षमता वाले कम अंकुरण क्षमता वाले बीजों की समस्या का समाधान करने को कहा। इसके अलावा, इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया। केंद्रीय मंत्री ने बीज उत्पादकों को संबोधित करते हुए कहा कि मोटे अनाज उत्पादन के क्षेत्र में शोध एवं विकास की और अधिक जरूरत है। उन्होंने निजी कंपनियों से सरकार के समक्ष उनकी समस्याओं को लाने को कहा।