कैलाश मानसरोवर यात्रा 2026 के पहले जत्थे को रवाना किया गया, 15 जून से नाथू ला मार्ग से शुरू होगी यात्रा
Delhi दिल्ली। विदेश राज्य मंत्री Pabitra Margherita ने 12 जून 2026 को नई दिल्ली स्थित Jawaharlal Nehru Bhawan में आयोजित समारोह में कैलाश मानसरोवर यात्रा (केएमवाई) 2026 के पहले जत्थे को औपचारिक रूप से रवाना किया। विदेश मंत्रालय (एमईए) की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए उनकी सुरक्षित और सफल यात्रा की कामना की गई।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यात्रा का पहला जत्था नाथू ला मार्ग के जरिए कैलाश मानसरोवर के लिए रवाना होगा। यह दल 15 जून 2026 को दिल्ली से अपनी आगे की यात्रा शुरू करेगा। लंबे अंतराल के बाद आयोजित हो रही इस पवित्र यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है।
कैलाश मानसरोवर यात्रा हिंदू, बौद्ध, जैन और बोन परंपरा के अनुयायियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा मानी जाती है। तिब्बत क्षेत्र में स्थित पवित्र कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील को आध्यात्मिक आस्था का केंद्र माना जाता है। हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस कठिन लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण तीर्थयात्रा में भाग लेते हैं।
नाथू ला मार्ग के जरिए यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। यात्रा से पहले सभी यात्रियों का स्वास्थ्य परीक्षण, दस्तावेज सत्यापन और आवश्यक ब्रीफिंग भी पूरी कर ली गई है। विदेश मंत्रालय, राज्य सरकारों और संबंधित एजेंसियों के सहयोग से यात्रा के सुचारू संचालन की तैयारियां की गई हैं।
सरकार का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वास्थ्य और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। यात्रा के दौरान आवश्यक चिकित्सा सहायता, आवास और अन्य व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें।