दिल्ली न्यूज़: दिल्ली नगर निगम के एकीकरण से पूर्व तीनों, उत्तरी, दक्षिणी व पूर्वी दिल्ली नगर निगम बेहतर स्वच्छता रैंकिंग पाने के लिए शहर के सफाई व स्वच्छता के लिए कई स्तर पर कार्य करने का दावा करती रही, लेकिन बावजूद इसके देश के अन्य शहरों के मुकाबले दिल्ली बेहतर स्वच्छता रैंकिंग पाने में काफी दूर रही। तीनों निगमों के इलाके को स्वच्छता रैंकिंग में काफी नीचे का स्थान मिला। गौरतलब है कि पूर्ववर्ती दक्षिण दिल्ली नगर निगम ने स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में 28 वां रैंक प्राप्त किया और पिछले वर्ष की 31 वीं रैंकिंग से तीन अंकों का सुधार हुआ। इसी तरह उत्तरी निगम को 37वां रैंक मिला है और पिछले साल के 45वें रैंक से 8 अंकों का सुधार हुआ है वहीं पूर्वी निगम ने भी पिछले साल के मुकाबले 6 अंकों का सुधार किया है। पूर्वी निगम ने जहां पिछले साल 40 रैंक हासिल की थी वहीं इस साल 34 रैंक प्राप्त अर्जित किया है।

निगम प्रशासन का कहना है कि गंभीर वित्तीय संकट और सीमित संसाधनों के बावजूद पूर्व के नगर निगमों ने पिछले साल के सर्वेक्षण की तुलना में बेहतर रैंकिंग हासिल की है और सर्वेक्षण में भरपूर प्रयास किए तीनों निगमों ने घर-घर जाकर कचरा संग्रहण, बाजारों आवासीय क्षेत्रों, जलाशयों की सफाई और कूड़ा प्रबंधन की दिशा में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। एकीकृत दिल्ली नगर निगम का कहना है कि अब सार्वजनिक शौचालयों की सफाई, नागरिक शिकायत निवारण, सड़कों की सफाई, नालों की सफाई, प्रमाणन पैरामीटर ,नगर निगम के कचरे का घर-घर जाकर पृथक्करण पर विशेष ध्यान रहेगा। साथ ही निगम अपनी अपशिष्ट प्रसंस्करण क्षमता के साथ-साथ अपशिष्ट प्रसंस्करण की दर को बढ़ाने पर भी विशेष जोर देगा। निगम ने कहा है कि पहले ही 59 कॉलोनियों को कचरा मुक्त कॉलोनियों घोषित किया है और 13 आरडब्ल्यूए को बेहतर कचरा प्रबंधन के लिए उपराज्यपाल के माध्यम से सम्मानित किया है। निगम मासिक आधार पर स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 के सभी संकेतों की निगरानी कर रहा है और प्रयत्न कर रहा है दिल्ली नगर निगम को-2023 में बेहतर रैंकिंग प्राप्त हो सके।

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