तेजपाल की आखिरी उम्मीद भी टूटी सुप्रीम कोर्ट ने सरेंडर से छूट देने से किया इनकार
नई दिल्ली। तहलका के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को अब जेल जाना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने उनके खिलाफ चल रहे यौन उत्पीड़न मामले में गोवा सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए तेजपाल की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी थी। अदालत के फैसले के बाद तेजपाल को सरेंडर करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद सालों पुराने इस मामले में एक नया मोड़ आ गया है। अदालत के आदेश के अनुसार अब उन्हें कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए संबंधित अदालत के सामने पेश होना पड़ेगा। मामले ने एक बार फिर देश में महिलाओं की सुरक्षा, न्याय प्रक्रिया और प्रभावशाली लोगों से जुड़े मामलों पर बहस को तेज कर दिया है।
क्या है पूरा मामला?
तरुण तेजपाल पर वर्ष 2013 में गोवा के एक पांच सितारा होटल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अपनी एक महिला सहकर्मी के साथ यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगा था। आरोप लगने के बाद उन्होंने तहलका के संपादक पद से इस्तीफा दे दिया था।
इस मामले की जांच गोवा पुलिस ने की थी और इसके बाद तेजपाल के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था। मामला लंबे समय तक अदालत में चला और कई कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरा।
गोवा की एक अदालत ने वर्ष 2021 में तरुण तेजपाल को आरोपों से बरी कर दिया था। इसके बाद गोवा सरकार ने इस फैसले को चुनौती देते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था।
हाईकोर्ट के फैसले को दी गई चुनौती
गोवा सरकार ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील की थी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान निचली अदालत के आदेश पर रोक लगाई थी और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रही।
इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। तेजपाल की ओर से अदालत में कई दलीलें दी गईं और राहत की मांग की गई, लेकिन सर्वोच्च अदालत ने उनकी याचिका को स्वीकार नहीं किया।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब तेजपाल के पास सरेंडर करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
अदालत में क्या हुआ?
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मामले के कानूनी पहलुओं पर विचार किया। अदालत ने निचली अदालत और उच्च न्यायालय के आदेशों को ध्यान में रखते हुए फैसला सुनाया।
तेजपाल पक्ष की ओर से राहत की मांग की गई थी, लेकिन अदालत ने इसे खारिज कर दिया। इसके बाद मामले में आगे की प्रक्रिया का रास्ता साफ हो गया।
अदालत का फैसला आने के बाद अब तरुण तेजपाल को तय प्रक्रिया के अनुसार आत्मसमर्पण करना होगा।
सरेंडर की तैयारी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तरुण तेजपाल के वकीलों की ओर से कहा गया कि वह अदालत के निर्देशों का पालन करेंगे। कानूनी प्रक्रिया के तहत उन्हें संबंधित अदालत में पेश होकर सरेंडर करना होगा।
मामले में आगे की कार्रवाई अदालत के निर्देशों के अनुसार होगी।
देशभर में चर्चा का विषय बना मामला
तरुण तेजपाल देश के जाने-माने पत्रकार रहे हैं और उनके खिलाफ दर्ज यह मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है। आरोप लगने के बाद यह मामला मीडिया जगत में भी काफी सुर्खियों में आया था।
इस मामले ने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा और यौन उत्पीड़न से जुड़े कानूनों को लेकर भी व्यापक बहस को जन्म दिया था।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में न्याय प्रक्रिया का लंबा चलना आम बात है, लेकिन अदालतों के अंतिम फैसले से ही कानूनी स्थिति स्पष्ट होती है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया
अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मामले में अगला चरण शुरू होगा। सरेंडर के बाद अदालत आगे की प्रक्रिया तय करेगी।
तरुण तेजपाल का मामला उन चर्चित मामलों में शामिल है, जिनमें लंबे समय तक कानूनी लड़ाई चली। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद इस मामले में एक महत्वपूर्ण पड़ाव आया है।
फिलहाल अदालत के आदेश के बाद तरुण तेजपाल को जेल जाना होगा और उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने इस बहुचर्चित मामले में आगे की दिशा तय कर दी है।