दिल्ली : केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर चल रही अटकलों के बीच फिलहाल इंतजार और बढ़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक महत्वपूर्ण विदेश यात्रा पर रवाना होने वाले हैं, जिसके चलते कैबिनेट विस्तार की संभावनाएं कुछ समय के लिए टलती नजर आ रही हैं। राजनीतिक गलियारों में पिछले कई दिनों से मंत्रिमंडल में फेरबदल को लेकर चर्चा तेज थी, लेकिन अब माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री की वापसी के बाद ही इस पर कोई अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्रा पहले से निर्धारित है। इस दौरान वह कई देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों, वैश्विक मुद्दों और रणनीतिक साझेदारी को लेकर महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लेंगे। विदेश दौरे की व्यस्तता के कारण फिलहाल कैबिनेट विस्तार को लेकर कोई बड़ा फैसला होने की संभावना कम बताई जा रही है।
भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार के स्तर पर लंबे समय से मंत्रिमंडल में बदलाव को लेकर मंथन चल रहा है। कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल और कुछ नए चेहरों को सरकार में शामिल किए जाने की चर्चा है। हालांकि अभी तक सरकार की ओर से कैबिनेट विस्तार को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि कैबिनेट विस्तार केवल मंत्रियों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं होगा, बल्कि इसके जरिए क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश भी की जा सकती है। आगामी चुनावों और संगठनात्मक समीकरणों को देखते हुए नए चेहरों को मौका देने की रणनीति पर काम किया जा सकता है।
बीजेपी के भीतर भी कई नेताओं की नजरें संभावित बदलाव पर टिकी हुई हैं। कई राज्यों के नेताओं को केंद्र में जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं कुछ मौजूदा मंत्रियों के प्रदर्शन और विभागीय कामकाज की समीक्षा के बाद बदलाव की संभावना भी जताई जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्रा के बाद दिल्ली लौटने पर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो सकती हैं। माना जा रहा है कि वापसी के बाद प्रधानमंत्री शीर्ष नेतृत्व के साथ बैठक कर मंत्रिमंडल विस्तार पर अंतिम चर्चा कर सकते हैं। इसके बाद ही यह तय होगा कि किन नेताओं को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी और किन विभागों में बदलाव किया जाएगा।
कैबिनेट विस्तार को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा उन नेताओं को लेकर है, जो लंबे समय से केंद्र में जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। हालांकि अंतिम फैसला प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी नेतृत्व के स्तर पर ही होगा।
इसके अलावा यह भी माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार के जरिए सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की जा सकती है। केंद्र सरकार में एनडीए सहयोगियों की भूमिका को देखते हुए कुछ नए सहयोगी नेताओं को भी जगह मिलने की संभावना पर चर्चा हो रही है।
प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्रा के दौरान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की भूमिका, आर्थिक सहयोग, सुरक्षा और वैश्विक चुनौतियों जैसे मुद्दों पर बातचीत होगी। ऐसे में सरकार का पूरा ध्यान फिलहाल विदेश नीति और कूटनीतिक कार्यक्रमों पर रहेगा।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक, कैबिनेट विस्तार को लेकर जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। प्रधानमंत्री की वापसी के बाद सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद ही अंतिम निर्णय सामने आएगा। इसलिए संभावित मंत्रिमंडल विस्तार के लिए नेताओं और समर्थकों को अभी कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है।
फिलहाल सभी की नजरें प्रधानमंत्री मोदी की विदेश यात्रा और उनकी वापसी पर टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि विदेश दौरे से लौटने के बाद ही केंद्र सरकार में संभावित बदलाव को लेकर तस्वीर साफ हो पाएगी।