Delhi दिल्ली। समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को लेकर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस संगठन का इतिहास देश विरोधी रहा हो और जिसने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान आजादी के सेनानियों का साथ नहीं दिया, वह दूसरों की देशभक्ति पर सवाल नहीं उठा सकता।
दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान राजीव राय ने कहा कि आरएसएस ने लंबे समय तक अपने मुख्यालय पर तिरंगा नहीं फहराया। उन्होंने दावा किया कि संगठन ने आजादी की लड़ाई के दौरान स्वतंत्रता आंदोलन का समर्थन नहीं किया और अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष करने वाले लोगों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि ऐसे संगठन को देशभक्ति का प्रमाणपत्र बांटने का अधिकार नहीं है।
सपा सांसद ने आगे कहा कि जिन युवाओं को कथित तौर पर देशविरोधी बताने की कोशिश की गई, उन्हीं युवाओं के समर्थन से सत्ता हासिल की गई। उन्होंने कहा कि समय आने पर देश के युवा तय करेंगे कि देशहित में कौन काम कर रहा है और कौन नहीं।
राजीव राय के इस बयान के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज होने की संभावना है। हालांकि, उनके आरोपों पर आरएसएस या भारतीय जनता पार्टी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह बयान ऐसे समय आया है जब विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच वैचारिक मुद्दों, इतिहास और राष्ट्रवाद को लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। मामले को लेकर आगे और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आने की संभावना है।