New Delhi नई दिल्ली : संयुक्त किसान मोर्चा (SKM), जिसने वर्ष 2020-21 में रद्द हो चुके केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ बड़े किसान आंदोलन का नेतृत्व किया था, ने अब परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ चल रहे आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की है। इस आंदोलन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) कर रही है, और यह धरना दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी है।
SKM ने स्पष्ट किया है कि वह इस मुद्दे पर छात्रों, युवाओं और उनके परिवारों के साथ पूरी तरह से खड़ा है। संगठन ने इसे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक विरोध बताते हुए आंदोलन के प्रति एकजुटता जताई है।
CJP अध्यक्ष अभिजीत दिपके को भेजे गए एक पत्र में SKM ने कहा कि वह इस धरने को समर्थन देता है और रविवार को उसका एक प्रतिनिधिमंडल जंतर-मंतर पहुंचकर आंदोलन में शामिल होगा। पत्र में यह भी कहा गया कि परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाना युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मुद्दा है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
SKM ने अपने बयान में यह भी दोहराया कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करना हर नागरिक का अधिकार है और इस तरह के आंदोलनों को समर्थन देना समाज की जिम्मेदारी है, खासकर तब जब मुद्दा छात्रों और उनके भविष्य से जुड़ा हो।
जंतर-मंतर पर जारी यह धरना पिछले कुछ दिनों से लगातार चर्चा में है, जहां प्रदर्शनकारी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित गड़बड़ियों की जांच की मांग कर रहे हैं। अब SKM के समर्थन के बाद इस आंदोलन को और अधिक संगठित और व्यापक समर्थन मिलने की संभावना जताई जा रही है।
संगठन के इस कदम को राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि SKM पहले भी बड़े स्तर पर आंदोलन कर चुका है और किसानों के मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाता रहा है।