नई दिल्ली। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन को CMRL-एक्सलॉजिक मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा समन जारी किए जाने के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोमवार को इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कोई नया मामला नहीं है। पिनाराई विजयन और कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (CMRL) के बीच कथित संबंधों को लेकर लंबे समय से सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पूरे मामले में उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए और जांच कानून के दायरे में आगे बढ़नी चाहिए।समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में शशि थरूर ने कहा कि पिनाराई विजयन से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन को लेकर पहले भी सवाल उठाए जा चुके हैं। इनमें कांग्रेस के नेता भी शामिल रहे हैं, जिन्होंने विपक्ष में रहते हुए इस मुद्दे को उठाया था।थरूर ने कहा, "यह कोई नई बात नहीं है। पिनाराई विजयन के CMRL के साथ संबंधों पर लंबे समय से सवाल उठाए जाते रहे हैं, जिनमें विपक्ष में रहे कांग्रेस नेता भी शामिल थे।"
कानूनी प्रक्रिया का पालन करने पर दिया जोर
कांग्रेस सांसद ने कहा कि केंद्रीय जांच एजेंसियों ने अब इस मामले में एक कदम आगे बढ़ाया है। उन्होंने विशेष रूप से न्यायिक प्रक्रिया का उल्लेख करते हुए कहा कि यह कार्रवाई केवल सरकार के स्तर पर नहीं, बल्कि अदालत से जुड़े घटनाक्रम के बाद आगे बढ़ी है।थरूर के मुताबिक, ऐसे मामलों में जरूरी है कि जांच और अन्य कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रियाओं के तहत की जाए। उनका बयान ऐसे समय सामने आया है, जब प्रवर्तन निदेशालय ने पिनाराई विजयन को पूछताछ के लिए समन जारी किया है।ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री को 23 अक्टूबर 2026 को कोच्चि स्थित अपने क्षेत्रीय कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा है। एजेंसी ने धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत जारी समन में वित्तीय लेनदेन से जुड़े दस्तावेज और अन्य जानकारी मांगी है।
क्या है CMRL-एक्सलॉजिक मामला?
यह मामला कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड और एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस के बीच कथित संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से जुड़ा है। एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस का संचालन पिनाराई विजयन की बेटी टी. वीणा करती थीं।प्रवर्तन निदेशालय का आरोप है कि CMRL ने आईटी परामर्श और अन्य सेवाओं के नाम पर एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस को लगभग 2.78 करोड़ रुपये का भुगतान किया था। एजेंसी इन भुगतानों की वास्तविक प्रकृति और संबंधित वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है।मामले में पिनाराई विजयन, उनकी बेटी वीणा और दामाद पी.ए. मोहम्मद रियास के खिलाफ भी जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। हालांकि, विजयन और उनके परिवार ने आरोपों से इनकार किया है। आरोपों की जांच जारी है और इन्हें अदालत में दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं माना जा सकता।
केरल हाईकोर्ट के आदेश के बाद बढ़ी कार्रवाई
CMRL-एक्सलॉजिक मामले में हाल ही में केरल हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया था। अदालत ने संबंधित अधिकारियों को मामले में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था।इसके बाद राज्य की सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने पिनाराई विजयन और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ मामले दर्ज किए। पूर्व मुख्यमंत्री ने हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।16 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया था। अदालत ने संकेत दिया था कि मामले पर आगे सुनवाई दशहरा अवकाश के दौरान विशेष पीठ या अदालत के दोबारा खुलने के बाद हो सकती है।
समन के बाद राजनीतिक चर्चा तेज
प्रवर्तन निदेशालय के समन और अदालती कार्यवाही के बाद केरल की राजनीति में इस मामले को लेकर चर्चा बढ़ गई है। कांग्रेस सहित विपक्षी दल पहले भी कथित वित्तीय अनियमितताओं पर सवाल उठाते रहे हैं।शशि थरूर की ताजा प्रतिक्रिया में भी यही बात प्रमुख रूप से सामने आई कि मामले से जुड़े सवाल पुराने हैं और अब जांच एजेंसियां कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे बढ़ रही हैं।इस बीच, विजयन के वकील ने संकेत दिया है कि विधानसभा सत्र जारी होने के कारण वह 23 अक्टूबर को ईडी के सामने उपस्थित नहीं हो सकते हैं। इस संबंध में एजेंसी को जवाब दिए जाने की बात कही गई है।फिलहाल पूरे मामले में जांच एजेंसियों और अदालतों की आगामी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। शशि थरूर ने स्पष्ट किया है कि मामले की जांच निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होनी चाहिए।
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