नई दिल्ली/काठमांडू: भारत में प्याज की बढ़ती कीमतों का असर अब पड़ोसी देश नेपाल में भी दिखाई देने लगा है। भारत के कई स्थानीय बाजारों में प्याज के दाम 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं, वहीं नेपाल में इसकी कीमतों में भारी उछाल देखने को मिला है। नेपाली मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वहां खुदरा बाजार में प्याज की कीमत 140 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।

प्याज की बढ़ती कीमतों ने आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यापारियों की चिंता भी बढ़ा दी है। नेपाल में पिछले कुछ दिनों में प्याज के खुदरा और थोक दोनों दामों में तेजी दर्ज की गई है।

नेपाल में प्याज के दामों में बड़ा उछाल

नेपाली मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, काठमांडू के बाजारों में प्याज की कीमत 140 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। इससे पहले करीब एक सप्ताह पहले प्याज लगभग 100 रुपये प्रति किलो बिक रहा था।

इस तरह कुछ ही दिनों में प्याज की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आम लोगों का कहना है कि रसोई का बजट लगातार बढ़ रहा है और रोजमर्रा की जरूरतों वाली चीजों की कीमतों में वृद्धि से परेशानी बढ़ रही है।

थोक बाजार में भी तेजी

कलिमाटी फल एवं सब्जी मंडी विकास बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, नेपाल में प्याज के थोक भाव में भी लगातार बढ़ोतरी हुई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले एक सप्ताह में प्याज के थोक दामों में करीब 20.77 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं, पिछले एक महीने में कीमतों में 68.65 प्रतिशत और पिछले एक साल में करीब 140 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

रविवार को कलिमाटी थोक मंडी में प्याज का भाव करीब 93.6 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।

भारत में भी बढ़ रहे प्याज के दाम

भारत में भी प्याज की कीमतों में तेजी देखने को मिल रही है। देश के कई हिस्सों के स्थानीय बाजारों में प्याज 70 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है।

प्याज भारतीय रसोई का सबसे अहम हिस्सा माना जाता है। इसकी कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम परिवारों के घरेलू बजट पर पड़ता है।

त्योहारी सीजन से पहले प्याज की कीमतों में बढ़ोतरी ने उपभोक्ताओं की चिंता और बढ़ा दी है।

सप्लाई और उत्पादन पर असर

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, प्याज की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें उत्पादन में कमी, सप्लाई में बाधा, मौसम का प्रभाव और परिवहन लागत में बढ़ोतरी शामिल हैं।

अगर बाजार में प्याज की आवक कम होती है तो कीमतों पर दबाव बढ़ जाता है।

नेपाल में भी प्याज की आपूर्ति का बड़ा हिस्सा बाहरी बाजारों पर निर्भर रहता है। ऐसे में पड़ोसी देशों में कीमतों में होने वाले बदलाव का असर वहां के बाजारों पर जल्दी दिखाई देता है।

आम लोगों की बढ़ी परेशानी

प्याज की कीमत बढ़ने से आम उपभोक्ताओं को अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। गृहणियों का कहना है कि सब्जियों और खाद्य सामग्री की बढ़ती कीमतों के बीच प्याज महंगा होना घरेलू बजट को प्रभावित कर रहा है।

रेस्टोरेंट और छोटे खाद्य कारोबारियों पर भी इसका असर पड़ सकता है। प्याज कई व्यंजनों में जरूरी सामग्री है, इसलिए कीमत बढ़ने से उनकी लागत बढ़ सकती है।

सरकार और बाजार पर नजर

प्याज जैसी जरूरी वस्तु की कीमतों पर सरकार और संबंधित विभाग लगातार नजर रखते हैं। बाजार में कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए समय-समय पर कदम उठाए जाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि कीमतों में स्थिरता बनाए रखने के लिए पर्याप्त आपूर्ति और बेहतर भंडारण व्यवस्था जरूरी है।

आगे क्या रहेगा रुख

फिलहाल भारत और नेपाल दोनों जगह प्याज की कीमतों में तेजी बनी हुई है। आने वाले दिनों में बाजार में प्याज की आवक और सप्लाई की स्थिति यह तय करेगी कि कीमतें कम होंगी या बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहेगा।

प्याज की कीमतों में इस उछाल ने एक बार फिर दिखाया है कि रोजमर्रा की जरूरत वाली कृषि उपज की कीमतें मौसम, उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था से कितनी प्रभावित होती हैं। आम लोगों की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले दिनों में प्याज के दामों में राहत मिलती है या नहीं।

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