Delhi यह विरोध प्रदर्शन सदर बाज़ार बारी मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन ने अपने प्रेसिडेंट परमजीत सिंह पम्मा की अगुवाई में आयोजित किया था। व्यापारियों ने मांग की कि डिजिटल पेमेंट पर कोई अतिरिक्त शुल्क न लगाया जाए। पम्मा ने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत, 2,000 रुपये से ज़्यादा के योग्य पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) UPI ट्रांज़ैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR लगाया जाएगा, जिसकी अधिकतम सीमा प्रति ट्रांज़ैक्शन 300 रुपये होगी। उन्होंने कहा कि हालांकि यह शुल्क सीधे ग्राहकों से नहीं लिया जाएगा, लेकिन अंत में इसका बोझ व्यापारियों को ही उठाना पड़ेगा।
उदाहरण देते हुए पम्मा ने कहा कि 5,000 रुपये के ट्रांज़ैक्शन पर 0.4 प्रतिशत शुल्क 20 रुपये होगा, जबकि 10,000 रुपये, 20,000 रुपये और 50,000 रुपये के ट्रांज़ैक्शन पर क्रमशः 40 रुपये, 80 रुपये और 200 रुपये का शुल्क लगेगा। उन्होंने दावा किया कि मध्यम-वर्गीय व्यापारियों पर उनके ट्रांज़ैक्शन की मात्रा के आधार पर लगभग 2,000 रुपये से 5,000 रुपये का अतिरिक्त मासिक बोझ पड़ सकता है।
पम्मा ने कहा, "सरकार को डिजिटल पेमेंट पर शुल्क लगाने और व्यापारियों पर अतिरिक्त बोझ डालने के बजाय उन्हें बढ़ावा देना चाहिए। व्यापारी पहले से ही कई चुनौतियों से जूझ रहे हैं। हम व्यापारियों पर कोई नया बोझ स्वीकार नहीं करेंगे।" एसोसिएशन ने कहा कि व्यापारी पहले से ही बढ़ते खर्चों से जूझ रहे हैं, जिनमें किराया, वेतन, बिजली और पानी के बिल और अन्य परिचालन लागतें शामिल हैं। उन्होंने मांग की कि प्रस्तावित MDR को वापस लिया जाए और व्यापारियों के लिए डिजिटल पेमेंट मुफ्त बने रहें।
व्यापारियों ने कहा कि हालांकि 2,000 रुपये तक के P2M UPI ट्रांज़ैक्शन मुफ्त रहेंगे, लेकिन उससे ज़्यादा के योग्य ट्रांज़ैक्शन पर प्रस्तावित शुल्क चिंता का विषय है, खासकर उन व्यवसायों के लिए जो बड़ी संख्या में डिजिटल पेमेंट का काम करते हैं। एसोसिएशन ने कहा कि अगर प्रस्तावित शुल्क वापस नहीं लिए गए तो वे अपना लोकतांत्रिक विरोध जारी रखेंगे और चेतावनी दी कि भविष्य में आंदोलन को और तेज़ किया जा सकता है।