नई दिल्ली: दिल्ली में अपहरण और लूट का अनोखा मामला सामने आया है. यहां अपराधी ने अपहरण करने की वजह बताते हुए चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. दरअसल, बीते 10 दिसंबर को दिल्ली पुलिस को पीसीआर कॉल पर 50 साल के शख्स के अपहरण की जानकारी मिली. पुलिस ने जांच शुरू की तो पीड़ित सुरेश कमल ने बताया कि दिल्ली के शिवाजी स्टेडियम से उसका अपहरण हुआ था और बाद में उसे किडनैप करके मंगलम की रेड लाइट पर लाया गया.

अपहृणकर्ताओं ने सुरेश को कहा कि वो सीबीआई से हैं. फिर सुरेश को गन पॉइंट पर लेकर छोड़ने की एवज के 5 लाख रुपये की डिमांड की. सुरेश ने अपनी जान बचाने के लिए 5 लाख रुपये दिए, तब जाकर किडनैपर्स ने उसे छोड़ा. सुरेश को 9 दिसंबर को किडनैप किया गया था. अगले दिन यानी 10 दिसंबर को सुबह तकरीबन 9.45 बजे सुरेश ने किडनैपर्स की वही कार दोबारा मदर डेयरी के पास देखी, जिसमें उसे किडनैप किया गया था. उसने कार का पीछा किया और फिर पुलिस को जानकारी दी.
पुलिस सुरेश की कॉल पर मौके पर पहुंची और आरोपी सुरेश चंद के साथ पीड़ित सुरेश कमल को लेकर थाने गई. यहां आरोपी सुरेश चंद ने पूछताछ में बताया कि उसका दोस्त हेमंत इटली में रहता है. हेमंत ने वीजा कंसल्टेंसी का काम करने वाले सुरेश कमल से वीजा बनवाया था, जिसमें सुरेश कमल ने उसके साथ धोखाधड़ी की थी. लिहाजा हेमंत, सुरेश चंद के जरिए सुरेश कमल के खिलाफ सबूत जुटाना चाहता था कि वो वीजा फ्राड में शामिल है.
पुलिस ने सुरेश चंद को हिरासत में ले लिया है. उसकी कार की तलाशी ली गई, जिसमें से 4 लाख रुपये बरामद हुए. इसके अलावा एक देशी कट्टा और सीबीआई का फर्जी पहचान पत्र भी बरामद हुआ है. मामले में आगे की जांच जारी है.
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