नई दिल्ली : 23 अक्टूबर 2026। म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामले में दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने शुक्रवार को बड़ा फैसला सुनाते हुए छह यूक्रेनी नागरिकों को अगली सुनवाई तक भारत से बाहर रहने की अनुमति दे दी है। इसके साथ ही अदालत ने मामले में आरोपी अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक को भी अमेरिका जाने की इजाजत दी है। मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को निर्धारित की गई है। अदालत के इस फैसले से सातों विदेशी नागरिकों को राहत मिली है।विशेष राष्ट्रीय जांच एजेंसी के न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई की। इस दौरान अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित हुए। सुनवाई के दौरान एनआईए ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और जांच एजेंसी अगली सुनवाई पर अब तक हुई प्रगति की जानकारी अदालत के सामने प्रस्तुत करेगी।
एनआईए ने कोर्ट को दी जांच की जानकारी
सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से बताया गया कि म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि मामले में कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों और परिस्थितियों की जांच अभी पूरी नहीं हुई है।अदालत ने जांच की मौजूदा स्थिति पर गौर करते हुए विदेशी नागरिकों को भारत से बाहर रहने की अनुमति दी। हालांकि, मामले में जांच जारी रहने के कारण आरोपियों को आगे की कानूनी प्रक्रिया और अदालत के निर्देशों का पालन करना होगा।
मार्च में हुई थी सात विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी
यह मामला मार्च 2026 का है, जब राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि ये विदेशी नागरिक भारत के मिजोरम राज्य के रास्ते म्यांमार पहुंचे थे।एनआईए के मुताबिक, आरोपियों पर म्यांमार में सक्रिय कुछ जातीय सशस्त्र संगठनों के सदस्यों को ड्रोन संचालन, ड्रोन युद्ध तकनीक और संबंधित उपकरणों के इस्तेमाल का प्रशिक्षण देने का आरोप है।जांच एजेंसी ने इस मामले में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत भी जांच शुरू की थी। हालांकि, आरोपों की न्यायिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
सितंबर में मिली थी डिफॉल्ट जमानत
इस मामले में सितंबर 2026 के दौरान महत्वपूर्ण कानूनी घटनाक्रम सामने आया था। अदालत ने निर्धारित अवधि में संबंधित जांच पूरी नहीं होने के आधार पर अमेरिकी नागरिक और छह यूक्रेनी नागरिकों को डिफॉल्ट जमानत प्रदान की थी।एनआईए ने 8 सितंबर को दाखिल अपनी पहली चार्जशीट में आव्रजन एवं विदेशी नागरिक अधिनियम, 2025 की धाराओं के तहत आरोप लगाए थे। हालांकि, एजेंसी ने स्पष्ट किया था कि यूएपीए से संबंधित पहलुओं की जांच जारी रहेगी।इसके बाद 24 सितंबर को राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने सातों विदेशी नागरिकों को निर्धारित शर्तों के साथ अपने-अपने देशों की यात्रा करने की अनुमति दी थी। अदालत ने उस समय विदेश यात्रा के अधिकार और जांच में सहयोग की आवश्यकता के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया था।
अब 24 फरवरी को होगी अगली सुनवाई
शुक्रवार को हुई सुनवाई के बाद इस मामले की अगली तारीख 24 फरवरी निर्धारित की गई है। इस दौरान जांच एजेंसी को अपनी जांच आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।एनआईए अगली सुनवाई में अदालत को बताएगी कि अब तक जांच में क्या प्रगति हुई है और क्या कोई नए तथ्य सामने आए हैं। जांच एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया की दिशा तय हो सकती है।फिलहाल अदालत के फैसले से अमेरिकी और यूक्रेनी नागरिकों को विदेश में रहने की अनुमति मिल गई है, लेकिन मामले की जांच समाप्त नहीं हुई है। आने वाली सुनवाई में एनआईए की जांच रिपोर्ट और अदालत के अगले आदेश पर सभी की नजरें रहेंगी।
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