नई दिल्ली। मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी SIR को लेकर मंगलवार को राजधानी दिल्ली में सियासी घमासान तेज हो गया। INDIA ब्लॉक के सांसदों के चुनाव आयोग की ओर विरोध मार्च के बीच भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। प्रसाद ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और विपक्ष संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ माहौल बनाकर देश में अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि विपक्ष का विरोध केवल SIR प्रक्रिया तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान को कमजोर करने का आरोप लगाया। प्रसाद ने सवाल किया कि आखिर कांग्रेस और INDIA ब्लॉक इस तरह के विरोध से क्या हासिल करना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी दिल्ली के बेहद संवेदनशील इलाके में बैठकर विरोध को आगे बढ़ा रहे हैं और इससे कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल पैदा हो रहे हैं। प्रसाद ने विपक्ष से पूछा कि क्या वह देश में अराजकता का माहौल बनाना चाहता है। भाजपा की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि कांग्रेस SIR और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक रूप देकर लोगों के बीच भ्रम पैदा कर रही है।
यह बयान ऐसे समय आया जब INDIA ब्लॉक के कई सांसद संसद से चुनाव आयोग के मुख्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। विपक्षी नेताओं की मांग थी कि SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग जवाब दे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें। दिल्ली पुलिस ने मार्च को रास्ते में रोक दिया, जिसके बाद कई सांसद सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करने लगे।
प्रदर्शन में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के कई सांसद शामिल हुए। मार्च के दौरान सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही और कई स्थानों पर बैरिकेड लगाए गए। राहुल गांधी को बैरिकेड पर चढ़ते हुए भी देखा गया। बाद में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया।
राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जब बड़ी संख्या में विपक्षी सांसद चुनाव आयोग से मिलना चाहते हैं तो उन्हें रोका क्यों जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि 300 से अधिक विपक्षी सांसद इस मार्च का हिस्सा थे। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पुलिस उन्हें रोक रही है और चुनाव आयोग उनसे मुलाकात नहीं कर रहा। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों का कहना है कि उनका विरोध मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े सवालों को लेकर है।
दूसरी ओर भाजपा ने विपक्ष के आरोपों को खारिज किया। पार्टी नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची में संशोधन और नाम जोड़ने या हटाने की प्रक्रिया कानून और तय नियमों के अनुसार होती है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के जरिए राहुल गांधी को राजनीतिक रूप से आगे बढ़ाने और भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
SIR यानी Special Intensive Revision मतदाता सूची की विशेष गहन समीक्षा की प्रक्रिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया में अनियमितताओं की आशंका है और इसका असर वैध मतदाताओं के अधिकारों पर पड़ सकता है। वहीं भाजपा और चुनाव आयोग की ओर से कहा गया है कि मतदाता सूची को अपडेट करना और उसमें डुप्लीकेट या अयोग्य नामों की पहचान करना नियमित चुनावी प्रक्रिया का हिस्सा है।
रविशंकर प्रसाद ने अपने बयान में राहुल गांधी पर लगातार संवैधानिक संस्थाओं को निशाना बनाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और राजनीतिक मतभेदों के बावजूद उसकी प्रक्रिया और अधिकारों का सम्मान किया जाना चाहिए। भाजपा सांसद ने कहा कि यदि किसी दल को मतदाता सूची या किसी आवेदन को लेकर शिकायत है तो उसके लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया उपलब्ध है।
दिल्ली में हुए प्रदर्शन ने SIR को लेकर जारी राजनीतिक टकराव को और तेज कर दिया है। विपक्ष इसे मतदाताओं के अधिकार, निष्पक्ष चुनाव और चुनाव आयोग की जवाबदेही से जोड़ रहा है, जबकि भाजपा इसे राजनीतिक दबाव बनाने और चुनाव आयोग की छवि पर सवाल उठाने का प्रयास बता रही है।
राहुल गांधी की अगुवाई में हुए मार्च के दौरान विपक्षी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए और मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर जवाब मांगा। पुलिस की ओर से मार्च को चुनाव आयोग मुख्यालय तक नहीं पहुंचने दिया गया।
वहीं रविशंकर प्रसाद ने कहा कि राजनीतिक दलों को लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं को लेकर ऐसा माहौल नहीं बनाया जाना चाहिए जिससे लोगों का भरोसा प्रभावित हो। उनके बयान के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच जुबानी जंग और तेज हो गई है।
फिलहाल SIR और मतदाता सूची को लेकर विपक्ष और सत्तारूढ़ भाजपा आमने-सामने हैं। INDIA ब्लॉक जहां इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग कर रहा है, वहीं भाजपा विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक रणनीति बता रही है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया और विपक्ष की आगे की रणनीति पर राजनीतिक नजरें टिकी रहेंगी।