Delhi रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को रक्षा बलों के उन खिलाड़ियों को सम्मानित किया, जिन्होंने हाल ही में जापान में हुए एशियाई खेलों में 27 पदक जीते। रक्षा बलों के खिलाड़ियों ने छह स्वर्ण, 11 रजत और 10 कांस्य पदक जीते। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन में यह अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन था। तीनों सेनाओं के 92 खिलाड़ियों ने 19 खेलों में हिस्सा लिया और भारत को चौथा स्थान दिलाने में योगदान दिया। कुल मिलाकर, भारतीय दल ने 85 पदक जीते, जिनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल थे।
खिलाड़ियों से बातचीत करते हुए, मंत्री ने उनकी सफलता का श्रेय अनुशासन, कड़ी मेहनत, टीम भावना और खेल में बेहतरीन प्रदर्शन को दिया। उन्होंने कहा कि पदक जीतने के सफर में बहुत समर्पण, सुबह-सुबह ट्रेनिंग, जिम सेशन, चोटें, ठीक होने की प्रक्रिया और लगातार कोशिशें शामिल होती हैं, साथ ही यूनिट की जिम्मेदारियों और खेल की तैयारियों के बीच संतुलन बनाना और परिवार से दूर रहना भी पड़ता है। राजनाथ सिंह ने प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने, उनकी क्षमता को निखारने, वैज्ञानिक ट्रेनिंग और विश्व स्तरीय खेल सुविधाएं देने और उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने में सेना के 'मिशन ओलंपिक विंग' की भूमिका पर ज़ोर दिया। उन्होंने कोच, सपोर्ट स्टाफ, फिजियोथेरेपिस्ट, न्यूट्रिशनिस्ट और खिलाड़ियों के परिवारों के योगदान को भी सराहा और इस बात पर ज़ोर दिया कि कोई भी चैंपियन अकेले नहीं बनता।
राजनाथ सिंह ने 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए एक केंद्रित और व्यवस्थित दृष्टिकोण अपनाने का आह्वान किया और ट्रेनर व सपोर्ट स्टाफ से कहा कि वे समर्पण और प्रोफेशनलिज़्म के साथ खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करते रहें। उन्होंने उनसे ऊंचे लक्ष्य तय करने और ओलंपिक में और भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए कहा। इस मौके पर सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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