New Delhi नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने शहर में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के 'लहरा दो तिरंगा' मार्च के बाद, राष्ट्रीय ध्वज को सही तरीके से संभालने और प्रदर्शित करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन दिशा-निर्देशों में 'फ्लैग कोड ऑफ इंडिया' (भारतीय ध्वज संहिता) के नियमों को दोहराया गया है और तिरंगे से जुड़े नियमों के बारे में लोगों को याद दिलाया गया है।
दिशा-निर्देशों में इस बात पर जोर दिया गया है कि राष्ट्रीय ध्वज का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए और इसे सम्मानजनक स्थिति में ही प्रदर्शित किया जाना चाहिए। इसे उल्टा (केसरिया पट्टी नीचे करके) नहीं फहराया जा सकता, और न ही इसे आधा झुकाकर (half-mast) फहराया जा सकता है, जब तक कि सरकारी निर्देशों में ऐसा करने की विशेष अनुमति न दी गई हो।
राष्ट्रीय ध्वज का इस्तेमाल कपड़ों या यूनिफॉर्म के रूप में नहीं किया जा सकता। साथ ही, इसे कुशन, रुमाल या नैपकिन जैसी चीजों पर छापा भी नहीं जा सकता। दिशा-निर्देशों के अनुसार, झंडे पर कुछ भी लिखना या इसे सजावट के लिए कपड़े की तरह इस्तेमाल करना मना है; यह नियम निजी अंतिम संस्कार के मौकों पर भी लागू होता है। झंडे का इस्तेमाल किसी वस्तु को रखने या ले जाने के लिए नहीं किया जा सकता (सिवाय उन खास मौकों के, जब झंडा फहराने से पहले उसमें फूलों की पंखुड़ियां रखी जाती हैं)। दिशा-निर्देशों में यह भी कहा गया है कि मूर्तियों, स्मारकों, वक्ताओं की मेज या मंच को ढकने के लिए झंडे का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए।
पुलिस ने इस बात पर भी जोर दिया है कि तिरंगा जमीन को नहीं छूना चाहिए और न ही पानी में घिसटना चाहिए। किसी वाहन, ट्रेन, नाव या विमान के किसी हिस्से पर इसे लपेटना, या किसी इमारत को ढकने के लिए इसका इस्तेमाल करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। 'फ्लैग कोड ऑफ इंडिया' (भारतीय ध्वज संहिता) में राष्ट्रीय ध्वज को प्रदर्शित करने और उसके इस्तेमाल से जुड़े नियम और परंपराएं तय की गई हैं।
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