Delhi दिल्ली। नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सेवा तीर्थ में आयोजित PRAGATI (प्रो-एक्टिव गवर्नेंस एंड टाइमली इम्प्लीमेंटेशन) की 52वीं बैठक की अध्यक्षता की। यह एक आईसीटी-सक्षम, बहु-आयामी मंच है, जिसका उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन को सुनिश्चित करना है।
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, बैठक में विभिन्न राज्यों और केंद्र सरकार के विभागों से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं, जन शिकायतों और प्रमुख कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास परियोजनाओं में आने वाली बाधाओं को समय रहते दूर किया जाए और आम जनता तक योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचाया जाए।
PRAGATI मंच के माध्यम से प्रधानमंत्री सीधे राज्यों के मुख्य सचिवों और केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संवाद करते हैं। इससे लंबित परियोजनाओं की निगरानी, समस्याओं के त्वरित समाधान और प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने में मदद मिलती है। बैठक के दौरान बुनियादी ढांचा, परिवहन, ऊर्जा, शहरी विकास और सामाजिक क्षेत्र से संबंधित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने अधिकारियों से कहा कि विकास कार्यों की गति बनाए रखने के साथ-साथ पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी आवश्यक है। उन्होंने परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने और जनहित से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण पर विशेष बल दिया। PRAGATI मंच को केंद्र और राज्य सरकारों के बीच समन्वय बढ़ाने तथा सुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक प्रभावी पहल माना जाता है। इसके माध्यम से देशभर में चल रही प्रमुख परियोजनाओं की नियमित निगरानी और समीक्षा की जाती है।