नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को भारतीय जनसंघ के नेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित ‘भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने भजनों को सुना और वहां मौजूद लोगों का अभिवादन किया। सामने आए वीडियो में प्रधानमंत्री हाथ में टैम्बरीन जैसा वाद्य बजाते और भजनों के साथ तालियां बजाते दिखाई दिए।प्रधानमंत्री का यह कार्यक्रम पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर आयोजित गतिविधियों का हिस्सा था। इससे पहले शुक्रवार सुबह मोदी ने दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि देते हुए उनके ‘अंत्योदय’ के विचार को याद किया। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार मोदी ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय ने समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के उत्थान को राष्ट्र निर्माण का आधार माना और उनकी अंत्योदय की विचारधारा आज भी जनकल्याण की प्रेरणा देती है।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर दीनदयाल उपाध्याय को “राष्ट्रसेवा का सच्चा साधक” बताया। उन्होंने लोगों से उनके विचारों और आदर्शों को आत्मसात करते हुए सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्वों को पूरा करने का संकल्प लेने की अपील की। यह प्रधानमंत्री की ओर से दीनदयाल उपाध्याय के राजनीतिक और सामाजिक विचारों का मूल्यांकन था।इस अवसर पर मोदी ने एक संस्कृत सुभाषित भी साझा किया। इसके माध्यम से उन्होंने निरंतर प्रयास, पुरुषार्थ और दृढ़ संकल्प के महत्व पर जोर दिया। प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक मोदी ने कहा कि सफलता और नवाचार केवल भाग्य पर निर्भर नहीं होते, बल्कि लगातार किए गए प्रयास, साहस और नए विचारों को वास्तविकता में बदलने का संकल्प महत्वपूर्ण होता है।
शाम को प्रधानमंत्री दीन दयाल उपाध्याय पार्क में आयोजित ‘भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में पहुंचे। कार्यक्रम से सामने आए दृश्यों में उन्हें मंच के सामने बैठकर भजनों को सुनते हुए देखा गया। इस दौरान उन्होंने तालियां बजाईं और वाद्य यंत्र के जरिए भजन की धुन में भाग लिया। कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के दौरान उन्होंने वहां मौजूद लोगों की ओर हाथ हिलाकर अभिवादन भी किया।‘भजन क्लबिंग’ पारंपरिक भजन और युवा-केंद्रित सामूहिक संगीत प्रस्तुति को एक मंच पर लाने वाली पहल के रूप में पेश की जाती रही है। दिल्ली में इस साल फरवरी में भी ‘वसंतोत्सव 2026’ के तहत भजन क्लबिंग कार्यक्रमों की एक श्रृंखला आयोजित की गई थी। उस समय दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे युवाओं को भारतीय सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं से जोड़ने की पहल बताया था।शुक्रवार को प्रधानमंत्री की मौजूदगी के कारण यह आयोजन चर्चा में रहा। दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर हुए कार्यक्रम में भक्ति संगीत को प्रमुखता दी गई। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में भाग लेने और भजन के दौरान वाद्य बजाने के वीडियो भी सामने आए।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय भारतीय जनसंघ के प्रमुख नेताओं और विचारकों में शामिल थे। भारतीय जनसंघ को बाद में अस्तित्व में आई भारतीय जनता पार्टी का राजनीतिक पूर्ववर्ती माना जाता है। उपाध्याय ‘एकात्म मानववाद’ और ‘अंत्योदय’ जैसे विचारों से जुड़े रहे। भाजपा और केंद्र सरकार के नेता उनके अंत्योदय के विचार को समाज के सबसे वंचित व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने की अवधारणा के रूप में प्रस्तुत करते हैं।प्रधानमंत्री मोदी भी अलग-अलग अवसरों पर दीनदयाल उपाध्याय की विचारधारा का उल्लेख करते रहे हैं। 2022 में उनकी जयंती पर मोदी ने अंत्योदय और गरीबों की सेवा पर उनके जोर को प्रेरणादायक बताया था। 2023 में भी प्रधानमंत्री ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके व्यक्तित्व और कार्यों को प्रेरणा का स्रोत बताया था।
दीनदयाल उपाध्याय के नाम से केंद्र सरकार की कई योजनाएं भी संचालित की जाती हैं। इनमें दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना प्रमुख है। ग्रामीण विकास मंत्रालय से संबंधित PIB के ताजा विवरण के मुताबिक यह योजना 25 सितंबर 2014 को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।PIB के अनुसार दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना 2.0 वर्तमान में 31 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में लागू है। इसके तहत 749 से अधिक स्वीकृत परियोजनाएं और 760 से ज्यादा सक्रिय प्रशिक्षण केंद्र हैं। योजना की शुरुआत से अब तक 18.47 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण और 12.43 लाख से अधिक को प्लेसमेंट मिलने की जानकारी सरकार ने दी है।
दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में जनकल्याण और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान को प्रमुखता दी। उन्होंने उनके विचारों को मौजूदा समय में भी प्रेरणादायक बताया और सामाजिक जिम्मेदारियों को पूरा करने का आह्वान किया।शुक्रवार शाम ‘भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में उनकी भागीदारी इसी दिन हुए स्मरण कार्यक्रमों की अगली कड़ी रही। दिल्ली के दीन दयाल उपाध्याय पार्क में प्रधानमंत्री ने भक्ति संगीत कार्यक्रम में हिस्सा लिया और वहां मौजूद लोगों से संवाद किया। इस तरह दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती पर प्रधानमंत्री का दिन सुबह श्रद्धांजलि संदेश से शुरू हुआ और शाम को दिल्ली में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में उनकी भागीदारी के साथ आगे बढ़ा।